
महाराष्ट्र राज्य सहित देशभर में दो महीने पहले टमाटर के दामों ने आसमान छू लिया था. इस दौरान टमाटर 120 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा था. लेकिन अभी रेट जमीन पर गिर गया है. मंडी में इसका भाव एक रुपया हो गया है.

दरअसल, हाल के दिनों में बढ़ते हुए रेट के कारण सब्जी उत्पादक किसानों ने टमाटर के उत्पादन पर जोर दिया जिससे टमाटर की मार्केट में आवक इतनी बढ़ गई है कि लातूर मार्केट में हर दिन 4000 कैरेट आवक हो गई.

इस बढ़ती हुई आवक के कारण 150 रुपये प्रति किलो से बिकने वाला टमाटर अब सिर्फ एक रुपया प्रति किलो के भाव से बिक रहा है. इससे लाखों रुपयों की लागत और कई दिनों की मेहनत करने के बावजूद मार्केट में टमाटर को सिर्फ एक रुपया भाव मिल रहा है.

इस रेट से लागत तो निकालना दूर उलटा खेत से टमाटर तोड़कर मार्केट में बेचने के लिए गाड़ी का भाड़ा भी अपनी जेब से देना पड़ रहा है. इसी से तंग आकर लातूर शहर के सब्जी मार्केट में किसान अपनी उपज को सड़कों पर फेंक रहे हैं.

इसी में दो किसान हैं इरफान शेख और सय्यद इस्माईल. इन दो टमाटर उत्पादक किसानों ने भाव न मिलने के कारण अपने टमाटर रास्ते पर ही फेंक दिए. इन दोनों किसानों को नाराजगी इस बात की रही कि मेहनत के बाद भी अच्छा भाव नहीं मिल रहा है.

इस बारे में सय्यद इस्माईल ने कहा कि लातूर मार्केट में वे 150 कैरेट टमाटर बेचने के लिए लाए थे. लेकिन मंडी में प्रति कैरेट सिर्फ 30 रुपयों का ही भाव मिला जबकि एक कैरेट में 25 से 30 किलो टमाटर होता है.

किसान इस्माईल कहते हैं कि उन्हें प्रति किलो के हिसाब से सिर्फ एक रुपया ही भाव मिल रहा है. वे कहते हैं कि उन्हें इस टमाटर की खेती के लिए एक लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से खर्च करना पड़ा है. इससे उन्होंने तंग आकर रास्ते पर टमाटर फेंक दिए.
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