बिजनौर में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. जनपद में पिछले 8 महीना में गुलदार के हमले से 13 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं . ताजा घटनाक्रम में बिजनौर में अब खेत से चारा लेने गए किसान बीच रास्ते से ही लापता हो गए हैं. किसान के घर नहीं पहुंचने पर परिवारीजन ने गुलदार के हमले की आशंका जताई है
किसान कपिल शर्मा का कहना है कि साल 2012 में उन्होंने सब्जी (vegetable farming) बोने की शुरुआत की थी. खेत में खाद के लिए जब गोबर की जरूरत पड़ी तो डेयरी का काम शुरू किया. इसके लिए पशुपालन पर जोर दिया और गाय पालने (cattle farming) का काम शुरू किया. धीरे-धीरे काम में बढ़ोतरी हुई तो अन्य लोगों को भी अपने साथ जोड़कर रोजगार दिया.
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