उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंहउत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने और पशुपालकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया जा रहा है. इसी क्रम में गुरुवार को बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) में स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम (स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य, खुशहाल उत्तर प्रदेश) पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली, मुरादाबाद एवं लखनऊ मंडल कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र की समृद्ध संभावनाओं वाले महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं, जो प्रदेश के डेयरी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दूध उत्पादन के साथ-साथ दुग्ध प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन, कोल्ड चेन और डेयरी उद्योग की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, जिससे किसानों की आय बढ़े और महिलाओं व युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. मंत्री धर्मपाल ने विश्वास जताया कि बरेली, मुरादाबाद एवं लखनऊ मंडल प्रदेश के प्रमुख डेयरी हब बनकर उत्तर प्रदेश की 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशुपालन एवं दुग्ध क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों और नई संभावनाओं से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास जारी है.
अपर मुख्य सचिव मत्स्य, दुग्ध एवं पशुपालन विभाग मुकेश कुमार मेश्राम ने कार्यक्रम में पधारे किसानों/गो पालकों/ दुग्ध उत्पादकों/ उद्यमियों/ निवेशकों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में वर्तमान समय में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए योजनाओं से पशुपालकों, गौपालकों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आ सकता है. इससे यूपी में दूध का उत्पादन बढ़ेगा और पशुपालक भी आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे.
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के० ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है. राज्य सरकार द्वारा किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण एवं स्थायी आय उपलब्ध कराने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. वहीं, नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, आधुनिक डेयरी विकास तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त दूध एवं दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत बरेली, मुरादाबाद एवं लखनऊ मंडल में लगभग 2200 लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से 1200 लाख रुपया से अधिक की अनुदान राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है. वहीं, दुग्ध नीति-2022 के अंतर्गत इन मंडलों में विभिन्न परियोजनाओं के लिए 1100 लाख रुपया की अनुदान राशि अवमुक्त की गई है.
दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी ने आगे कहा कि जीबीसी के अन्तर्गत बरेली मंडल के 2712 करोड़ रुपया, मुरादाबाद मंडल के 2085 करोड़ एवं लखनऊ मंडल के 2150 करोड़ रुपया के निवेश प्रस्ताव हुए हैं, जिनसे लगभग 11 हजार नवीन रोजगार सृजित होंगे.उन्होंने 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य एवं खुशहाल उत्तर प्रदेश के संकल्प को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया.
कॉन्क्लेव के दौरान डेयरी और पशुपालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष प्रस्तुतिकरण किए गया. इनमें आधुनिक डेयरी प्रबंधन, नन्द बाबा दुग्ध मिशन, औपचारिक डेयरी प्रसंस्करण, दुग्ध नीति-2022, चारा प्रबंधन, पशु रोगों की पहचान, उनकी रोकथाम, निगरानी, नियंत्रण, टीकाकरण तथा दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई.
कार्यक्रम में दुग्धशाला विकास विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों के अलावा कृषि विज्ञान केन्द्रों तथा कृषि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ वैज्ञानिक और विषय विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा किया. विशेषज्ञ किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों की जानकारी दी.
इस अवसर पर मंत्री धर्मपाल सिंह ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दुग्ध उत्पादकों एवं पशुपालकों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया. वहीं, उनके परिश्रम, समर्पण एवं योगदान की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया.
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