Tips for Dairy farm: डेयरी-पशुपालन को और मुनाफे वाला बनाने के लिए चारे में करें ये 15 काम 

Tips for Dairy farm: डेयरी-पशुपालन को और मुनाफे वाला बनाने के लिए चारे में करें ये 15 काम 

Tips for Dairy farm देश में इस वक्त हरे और सूखे चारे समेत मिनरल्स मिक्चर की कमी देखी जा रही है. जिसके चलते प्रति पशु दूध उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है. कई ऐसी वजह भी हैं जिसके चलते डेयरी की लागत भी बढ़ गई है. इसे देखते हुए डेयरी और पशुपालन एक्सपर्ट खासतौर से हरे चारे पर ज्यादा काम करने की सलाह दे रहे हैं.

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Tips for Dairy farm: डेयरी-पशुपालन को और मुनाफे वाला बनाने के लिए चारे में करें ये 15 काम पशुओं को खिलाएं ये हरा चारा

देश में दूध उत्पादन 24 करोड़ टन के आंकड़े को छू चुका है. उत्पादन से जुड़े पशुओं की संख्या देश में 300 करोड़ है. लेकिन परेशान करने वाली बात ये है कि जितनी पशुओं की संख्या है उतना देश में दूध उत्पादन नहीं है. हमारे देश में प्रति पशु दूध उत्पादन बहुत कम है. शायद यही वजह है कि डेयरी प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के मामले में हमारी पोजिशन अच्छी नहीं है. हालांकि इसके कई कारण बताए जाते हैं. लेकिन एनिमल और डेयरी एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी एक बड़ी वजह चारा भी है. क्योंकि जब तक पशुओं को बैलेंस डाइट नहीं मिलेगी तो उन्हें पोषण नहीं मिलेगा. 

और एक अच्छी बैलेंस डाइट हमेशा हरे और सूखे चारे से तैयार होती है. एक्सपर्ट का कहना है कि देश में हरे और सूखे चारे की नहीं मिनरल्स की कमी भी 25 फीसद से ऊपर निकल गई है. यही वजह है कि दूध और उससे बने प्रोडक्ट महंगे होते जा रहे हैं. महंगे प्रोडक्ट की वजह से देश के डेयरी प्रोडक्ट, एक्सपर्ट मार्केट में अपनी जगह नहीं बना पा रहे हैं.      

ऐसे कम होगी डेयरी की लागत 

फिरोज अहमद, डॉयरेक्टर, कॉर्नेक्स्ट एग्री प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड का कहना है कि  सबसे पहले तो हमे डेयरी की लागत कम करने पर जोर देना चाहिए. डेयरी में पशुओं के पोषण को वरीयता दी जानी चाहिए. उत्पादकता बढ़ाने पर काम होना चाहिए. चारे की कमी या फिर इमरजेंसी के हालात में लगातार चारे की सप्लाई बनी रहे इसके लिए क्षेत्रीय चारा बैंक और स्टोरेज गोदाम स्थापित करने चाहिए. क्वालिटी के चारे और बीजों की सप्लाई में सुधार के लिए राज्यवार योजनाएं बननी चाहिए. इंपोर्ट को कम करते हुए बरसीम जैसे फलीदार बीजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दें. नॉन फारेस्ट बंजर जमीन, चरागाह भूमि और सामुदायिक भूमि का इस्तेमाल हरे चारे की खेती के लिए करना चाहिए. 

जरूरी है हरे चारे पर हों ये काम 

  • चारा बीज प्रोसेसिंग और स्टो‍रेज के लिए सुविधाओं को बढ़ाया जाए. 
  • ज्यादा पोषण मूल्य वाली चारा फसलों के विकास और मीथेन उत्सर्जन को कम करने की जरूरत है.
  • ज्या दा चारा करने वाले क्षेत्रों से कम चारे वाले क्षेत्रों में चारे के लिए ट्रांसपोर्ट पॉलिसी बनाई जाए. 
  • फसल के अवशेष के ब्लॉक, गांठ, टीएमआर और छर्रों आदि के ट्रांसपोर्ट के लिए प्रोत्साहन दें.
  • दूध उत्पादन दक्षता में सुधार के लिए सटीक फीडिंग विधियों पर काम हो. 
  • रेडी-टू-ईट टोटल मिक्चर रोशन में निवेश करें.
  • क्वाउलिटी के फीड उत्पादन सुनिश्चित करने और दूषित पदार्थों को कंट्रोल करने के लिए नियम बनें.  
  • चारा प्लस एफपीओ का लाभ उठाया जाए और एक मॉडल की तरह पेश कर दूसरों को प्रोत्साहित करें.  
  • डेटाबेस मैनेजमेंट और सूचना एक्सचेंज करने के लिए राष्ट्रीय या क्षेत्रीय चारा ऑनलाइन प्लेटफार्म बने. 

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