गोधन समागम 2026राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सोमवार को ‘गोधन समागम–2026’ का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम दुग्धशाला विकास विभाग और पशुधन एवं पशुपालन विभाग की ओर से किया गया. कार्यक्रम में करीब 1500 से अधिक किसान सीधे मौजूद रहे, जबकि प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए थे.
कार्यक्रम में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजकीय पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे. उन्होंने ‘नंद बाबा’ और ‘गोकुल पुरस्कार’ के विजेताओं को सम्मानित किया. इसके साथ ही प्रदेश की अच्छी तरह संचालित हो रही गोशालाओं और गोआश्रय स्थलों को भी प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार दिए गए. मंत्री धर्मपाल ने कहा कि प्रदेश सरकार गोपालकों और पशुपालकों को मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं चला रही है, ताकि गांव की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके. योगी सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा सरकार में गाय कसाई को देखकर कांपती थी.
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सपा सरकार में किसान बाहर सोता था, पशुओं को घर के अंदर बांध कर रखता था. क्योंकि सोने-चांदी की चोरी नहीं होती थी, जबकि पशुओं की चोरी बड़े पैमाने पर होती थी.
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि स्वदेशी गायों का संरक्षण आज समय की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अगर गांव में पशुपालन मजबूत होगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था अपने आप मजबूत होगी. उन्होंने विभाग की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार किसानों को आर्थिक मदद और तकनीकी सहयोग दोनों दे रही है. इससे छोटे और मध्यम स्तर के पशुपालकों को बड़ा फायदा मिल रहा है.
दूध आयुक्त एवं दुग्धशाला विकास विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन में पहले स्थान पर है. इसे बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. उन्होंने बताया कि ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के तहत 25 गायों की नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, 10 गायों की मिनी नंदिनी योजना और 2 गायों की मुख्यमंत्री स्वदेशी गो-संवर्धन योजना चलाई जा रही है. इन योजनाओं के जरिए पशुपालकों को गाय खरीदने, पालन-पोषण और डेयरी व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिल रही है.
कार्यक्रम में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ भी शामिल हुए. उन्होंने पशु आहार, हरा चारा, नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी. इस मौके पर किसानों ने भी खुलकर सवाल पूछे और विशेषज्ञों ने मौके पर ही उनके जवाब दिए. कई किसानों ने नई तकनीकों और योजनाओं में रुचि दिखाई.
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