
बिहार आसानी से मिलेगी ताजी मछलियांबिहार में अब लोगों को सुधा बूथ की तर्ज पर ताजी और साफ-सुथरी मछलियां मिलेंगी. इसके लिए राज्य सरकार ने 'फ्रेश कैच कियोस्क' योजना शुरू की है. इसके तहत पूरे बिहार में 100 मछली बिक्री केंद्र खोले जाएंगे. इन केंद्रों पर लोगों को जिंदा और ताजी मछलियां खरीदने के साथ ऑनलाइन होम डिलीवरी की सुविधा भी मिलेगी. रविवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन परिसर में फ्रेश कैच कियोस्क के पहले आउटलेट का उद्घाटन किया. इस मौके पर मत्स्य और पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम और विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत बिहार में कुल 100 फ्रेश कैच कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. पहले चरण में 30 और दूसरे चरण में 70 कियोस्क खोले जाएंगे. इन केंद्रों को जिला मुख्यालयों, अनुमंडलों और प्रखंडों तक पहुंचाने की योजना है. पहले चरण में पटना, नालंदा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पश्चिम चंपारण के बेतिया में कियोस्क स्थापित किए जाएंगे. वहीं, दूसरे चरण में गया, मोतिहारी, कैमूर, रोहतास और पटना के कई इलाकों में ये केंद्र खोले जाएंगे. इनमें मछुआटोली, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, ऊर्जा स्टेडियम, बीएसईबी कॉलोनी, राजाबाजार और फुलवारीशरीफ शामिल हैं.
फ्रेश कैच कियोस्क को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. यहां मछलियों को ताजा रखने के लिए कोल्ड चेन, डीप फ्रीजर और डिस्प्ले काउंटर लगाए जाएंगे. इसके अलावा साफ पानी, जल निकासी, बिजली और बिजली बैकअप की व्यवस्था भी होगी. इन केंद्रों पर डिजिटल पेमेंट और कचरा प्रबंधन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी. ग्राहकों को स्थानीय मछलियों के साथ समुद्री मछलियां, झींगा, लॉबस्टर, पोमफ्रेट और हिल्सा जैसी मछलियां भी मिल सकेंगी. खास बात यह है कि ग्राहक घर बैठे ऑनलाइन ऑर्डर देकर मछली मंगा सकेंगे.

इस योजना के तहत एक फ्रेश कैच कियोस्क बनाने की निर्धारित लागत 11 लाख रुपये रखी गई है. संभावित लागत बढ़ने की स्थिति में इसकी अधिकतम लागत 13.20 लाख रुपये तक हो सकती है. सरकार कियोस्क की निर्धारित लागत का 80 फीसदी या वास्तविक निर्माण लागत, दोनों में से जो भी कम होगा, उसका खर्च उठाएगी. यानी इस योजना में सरकार की ओर से आर्थिक मदद दी जाएगी. कियोस्क का निर्माण निविदा प्रक्रिया के जरिए चुनी गई एजेंसियों से कराया जाएगा. वहीं, इनके संचालन के लिए अलग से संचालकों का चयन होगा.
फ्रेश कैच कियोस्क शुरू होने से बिहार के मछली पालकों, मत्स्य सहकारी समितियों और मछली किसान उत्पादक संगठनों को अपने उत्पाद बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा. इससे मछली की बिक्री के लिए बिचौलियों पर निर्भरता कम करने और किसानों को बेहतर अवसर देने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा कियोस्क के संचालन, मछलियों की ढुलाई और आपूर्ति से जुड़े कामों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. सरकार इस योजना के जरिए 'Fresh Catch (Fish of Bihar)' ब्रांड को भी बढ़ावा देना चाहती है.
इस योजना के तहत बिहार की मछलियों को दूसरे राज्यों के बाजारों तक पहुंचाने की भी पहल की गई है. उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने झंडी दिखाकर बक्सर जिले की मत्स्यजीवी सहयोग समिति की ओर से सुइयां भागर जलकर से पकड़ी गई 3 मीट्रिक टन चेलहवा मछली को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी भेजा. इसके लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अलग-अलग जिलों में 15 रेफ्रिजरेटेड वाहन और 4 इंसुलेटेड वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं. इन सभी वाहनों की क्षमता 8 मीट्रिक टन है. इनका इस्तेमाल मछलियों को सुरक्षित तरीके से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में किया जाएगा.
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