Weather Update: देश के ज्‍यादातर हिस्सों में सामान्य से ऊपर रहेगा तापमान, IMD ने किसानों के लिए जारी की सलाह

Weather Update: देश के ज्‍यादातर हिस्सों में सामान्य से ऊपर रहेगा तापमान, IMD ने किसानों के लिए जारी की सलाह

देश के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले असर दिखाना शुरू कर दिया है और तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है. मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत में तेज गर्मी और पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की है. जानिए 6 मार्च को देशभर में कैसा रहेगा मौसम...

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 06, 2026,
  • Updated Mar 06, 2026, 2:06 AM IST

देश के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रह सकता है, जबकि मध्य भारत के आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से 7 से 11 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है.

6 मार्च को देशभर में मौसम का हाल 

आज देश के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने की संभावना है और तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा. उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा. वहीं, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव के संकेत हैं और आगे चलकर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.

पहाड़ी राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम बदलने लगेगा. मौसम विभाग ने गुजरात के तटीय क्षेत्रों में आज 6 मार्च और कोंकण में 6 और 7 मार्च को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई है. वहीं, पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश का भी पूर्वानुमान जारी किया है.

दिल्‍ली-एनसीआर में इतना रहेगा तापमान

आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है, लेकिन तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा. 6 मार्च को अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.

7 और 8 मार्च को भी अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. दिन के समय पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा से हवा चलने का अनुमान है, जबकि शाम के समय हवा की रफ्तार कम हो सकती है.

पहाड़ी राज्‍यों में मौसम पूर्वानुमान

उत्तर भारत के मौसम की बात करें तो जम्मू-कश्मीर में 5 से 11 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है. हिमाचल प्रदेश में 7 से 11 मार्च और उत्तराखंड में 8 से 11 मार्च के बीच हल्की वर्षा या बर्फबारी हो सकती है. इसके अलावा 7 से 11 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर में गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.

पूर्वी भारत में मौसम तेजी से बदल सकता है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 से 11 मार्च के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. ओडिशा में 8 और 9 मार्च को, गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 9 मार्च को और बिहार में 11 मार्च को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 8 से 11 मार्च के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं.

तापमान के लिहाज से पश्चिम राजस्थान, गुजरात, उत्तरी महाराष्ट्र, विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है. देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस ओडिशा के झारसुगुड़ा में दर्ज किया गया.

एग्रोमेट ने किसानों-बागवानों के लिए जारी की सलाह

वहीं, एग्रोमेट की ओर से किसानों के लिए जारी कृषि मौसम सलाह में कहा गया है कि अधिक तापमान के कारण गेहूं, सरसों, चना और अन्य रबी फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करना फायदेमंद रहेगा. राजस्थान और गुजरात में जीरा, इसबगोल, सरसों और चना फसलों में भी सुरक्षात्मक सिंचाई करने की सलाह दी गई है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में गेहूं की दाना भरने की अवस्था वाली फसलों में सुबह या शाम के समय सिंचाई करने की सलाह दी गई है, ताकि तेज गर्मी का असर कम हो सके.

इधर, बागवानी फसलों में भी गर्मी के प्रभाव से बचाव के लिए कदम उठाने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में आम के बागानों में फलों के झड़ने और धूप से झुलसने की समस्या से बचाने के लिए नियमित अंतराल पर सिंचाई और फलों की बैगिंग करने की सलाह दी गई है. पशुपालन से जुड़े किसानों को सलाह दी गई है कि पशुओं को साफ और पर्याप्त पीने का पानी उपलब्ध कराएं. वहीं, पोल्ट्री शेड की छत पर घास या अन्य सामग्री डालकर तापमान कम रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि अधिक गर्मी से पशुओं और पक्षियों को नुकसान न हो.

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