
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है. मौसम विभाग ने 13 और 16-17 फरवरी के आसपास दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद सक्रिय होने का पूर्वानुमान जारी किया है, जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ बीते दिन ही सक्रिय हुआ है. इन वेदर सिस्टम के कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी की संभावना है. वहीं, मेघालय में आज सुबह घना कोहरा रहने की संभावना है. इसके अलावा मौसम विभाग ने मछुआरों को 15 फरवरी तक दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
आईएमडी के मुताबिक, देश के पूर्वी हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का अनुमान है. इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. बाकी देश में न्यूनतम तापमान में फिलहाल कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा.
अधिकतम तापमान की बात करें तो पश्चिमी तट और तटीय कर्नाटक में अगले 24 घंटों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद चार दिनों तक तापमान में 2-3 डिग्री की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है.
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 11 फरवरी को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने का अनुमान है. सुबह के समय हल्की धुंध या धुंधलका रह सकता है. वहीं, अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है.
अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है. दिन के समय उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से हल्की ठंडक बनी रह सकती है. इसके बाद 12 और 13 फरवरी को भी आसमान साफ रहेगा और तापमान लगभग इसी दायरे में बना रह सकता है.
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा दर्ज किया गया. वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश हुई. न्यूनतम तापमान हिमाचल और उत्तराखंड में 0 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ.
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. पश्चिम राजस्थान के पाली में मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
आगे के दिनों में पश्चिमी हिमालयी राज्यों में रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है. 13 और 16 फरवरी को भी इन इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. 16 फरवरी के आसपास पंजाब और हरियाणा में भी कहीं-कहीं बारिश के आसार हैं.
पहाड़ी राज्यों के किसानों को सलाह है कि बारिश और बर्फबारी के दौरान फसलों की सुरक्षा के लिए जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें. सब्जियों और फूलों की फसलों पर पाले या ठंडी हवाओं का असर कम करने के लिए हल्का आवरण या सिंचाई का सहारा लिया जा सकता है.
मैदानी इलाकों में सुबह की धुंध और कोहरे को देखते हुए गेहूं और सरसों की फसलों में रोग और कीटों की निगरानी बढ़ाने की जरूरत है. वहीं, पशुपालक पशुओं को ठंडी हवाओं और नमी से बचाने के लिए शेड में रखने की व्यवस्था करें और चारे को सूखा रखें.