प्री-मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, पूर्वी भारत में झमाझम बारिश, आगे के ट्रेंड पर सामने आया बड़ा अपडेट

प्री-मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, पूर्वी भारत में झमाझम बारिश, आगे के ट्रेंड पर सामने आया बड़ा अपडेट

पूर्वी भारत में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है. कोलकाता, झारखंड और बिहार के हिस्सों में लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है. मौसम सिस्टम के असर से अगले कुछ दिनों तक यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 30, 2026,
  • Updated Apr 30, 2026, 8:37 PM IST

देश के पूर्वी हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के तराई क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में भी तेज बारिश देखने को मिली, जहां अलीपुर और दमदम वेधशालाओं में 54 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई. झारखंड के चाईबासा में 71 मिमी बारिश दर्ज की गई. निजी मौसम एजेंसी स्‍काइमेट ने संकेत दिए हैं कि आने वाले एक हफ्ते तक इन इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

स्‍काइमेट ने कहा है कि दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के बिहार क्षेत्र में बने चक्रवाती परिसंचरण के साथ उत्तर-पूर्व बांग्लादेश पर सक्रिय एक और सिस्टम मिलकर असर डाल रहे हैं. इन दोनों को जोड़ने वाली ट्रफ रेखा बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल से होते हुए पूर्वोत्तर भारत तक फैली है. इसी वजह से लगातार बादल बन रहे हैं और बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं. इसका असर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है.

आंधी-तूफान और बिजली का खतरा

मौसम एजेंसी के मुताबिक, बिहार के तराई क्षेत्रों, झारखंड के अंदरूनी हिस्सों और गंगीय पश्चिम बंगाल के दक्षिणी भाग में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की आशंका है. पटना, रांची और कोलकाता जैसे शहर भी इसके प्रभाव में रहेंगे. मौसम विशेषज्ञों ने बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है. लगातार हो रही बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और मई के पहले हफ्ते में भीषण गर्मी की संभावना कम रहेगी.

दक्षिण भारत में भी प्री-मॉनसून सक्रिय

वहीं, पूर्वी भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत में भी प्री-मानसून ने जोर पकड़ा है. बेंगलुरु में हाल ही में 111 मिमी तक बारिश दर्ज की गई, जिसने अप्रैल के सूखे हालात के बाद राहत दी. कर्नाटक और तमिलनाडु के ऊपर बनी विंड डिसकंटिन्युटी और समुद्री नमी के कारण अगले 4-5 दिनों तक यहां बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. मई की शुरुआत में दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई जिलों में तेज बारिश के संकेत हैं.

दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम

स्‍काइमेट के अनुसार,  उत्तर भारत में भी मौसम करवट ले रहा है. पश्चिमी विक्षोभ और उससे जुड़े चक्रवाती सिस्टम के असर से दिल्ली-एनसीआर में आंधी और बारिश की संभावना बन रही है. 2 मई से एक और मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे 4 से 6 मई के बीच प्री-मानसून गतिविधियां चरम पर पहुंच सकती हैं. इससे तापमान में गिरावट आएगी और गर्मी से राहत मिलेगी.

स्काइमेट का मॉनसून को लेकर पूर्वानुमान

इससे पहले अप्रैल की शुरुआत में Skymet ने 2026 के मॉनसून को लेकर अपना पूर्वानुमान जारी किया था, जिसके मुताबिक इस साल मॉनसून सामान्य से कम रह सकता है और जून से सितंबर के दौरान कुल बारिश करीब 94 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

अल नीनो के विकसित होने की संभावना मॉनसून के दूसरे हिस्से को प्रभावित कर सकती है, जिससे बारिश का वितरण असमान रह सकता है. हालांकि शुरुआती महीनों में स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद जताई गई है. मौसम एजेंसी के मुताबिक, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में इस साल अपेक्षाकृत बेहतर बारिश होने की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से कम बारिश दर्ज हो सकती है.

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