
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में दस्तक के बाद अब रफ्तार पकड़ने लगा है. एंट्री के दूसरे दिन यानी शुक्रवार 5 जून को मॉनसून कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा के कुछ और हिस्सों तक पहुंच गया है. इसके साथ ही भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, केरल में 6 और 7 जून को कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भी लगातार भारी से बहुत भारी बारिश का दौर बना रह सकता है. कई क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर इससे भी तेज झोंके आने की संभावना है.
IMD के मुताबिक, 6 जून को देश का मौसम दो अलग तस्वीरें दिखा सकता है. एक तरफ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बारिश का प्रभाव बढ़ेगा, वहीं उत्तर और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में तापमान फिर धीरे-धीरे बढ़ने के संकेत हैं. केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार वर्षा गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
वहीं, पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बादल, गरज और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का असर दिखाई दे सकता है. इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम भारत में राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें और तेज हवाएं चल सकती हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 6 जून को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है. दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के झोंके देखने को मिल सकते हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
7 जून को दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, लेकिन बादल बने रहेंगे. वहीं, 8 जून से तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू होने के संकेत हैं और अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. राजस्थान में 7 जून के आसपास धूलभरी हवाओं और गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है. पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तर प्रदेश में 9 जून के बाद कुछ इलाकों में गर्मी और लू जैसी परिस्थितियां दोबारा उभर सकती हैं.
पूर्वोत्तर भारत आने वाले सप्ताह में सबसे अधिक सक्रिय मौसम क्षेत्र बना रह सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई दौर की बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की संभावना है. नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 6 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा के दौर जारी रहने की संभावना है.
समुद्री क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए मछुआरों को 10 जून तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
किसानों को जिन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट है वहां खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखने, कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और तेज हवा वाले क्षेत्रों में सब्जियों व बागवानी फसलों को सहारा देने की सलाह है.
पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़ने, चारा सुरक्षित रखने और पोल्ट्री शेड और पशु शेड में पानी जमा न होने देने की सलाह दी गई है.