
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में कई अहम चेतावनियां जारी की हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण तमिलनाडु और केरल में 21 और 22 फरवरी को भारी बारिश होने की संभावना जताई है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने समुद्री क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है और मछुआरों को कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है.
20 फरवरी के मौसम पर नजर डालें तो दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और माहे में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 21 और 22 फरवरी को दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जबकि अंडमान-निकोबार में भी मौसम खराब बना रह सकता है.
हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी को और उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच हल्की बारिश या बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है. पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी 23 और 24 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर के मौसम की बात करें तो 19 फरवरी से 22 फरवरी के बीच आसमान सामान्यतः साफ रहने का अनुमान है. रात और सुबह के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है. अगले दिनों में तापमान में और इजाफा होगा और 22 फरवरी तक अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इस दौरान हवाओं की दिशा और रफ्तार में भी बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी महसूस की जा सकती है.
महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य भारत में फिलहाल तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, हालांकि कुछ हिस्सों में हल्की बढ़ोतरी और बाद में मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है. उत्तर-पूर्व भारत में भी मौसम शुष्क से आंशिक रूप से बादलों वाला बना रह सकता है. वहीं, आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी का रुख बना रहने की संभावना जताई गई है.
किसानों और पशुपालकों के लिए जारी सलाह में कहा गया है कि तमिलनाडु और केरल में जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, वहां पकी हुई धान की फसल की कटाई कर सुरक्षित स्थानों पर भंडारण किया जाए. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और मेड़ मजबूत करने की सलाह दी गई है. केले और सब्जी की फसलों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा देने की जरूरत बताई गई है. पशुपालकों को भी खुले में पशुओं को रखने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है.
बीते दिन पंजाब और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जहां विजिबिलिटी 50 से 199 मीटर के बीच रही. त्रिपुरा के अगरतला में विजिबिलिटी 50 मीटर और पंजाब के अमृतसर में 100 मीटर तक सिमट गई. अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में कहीं-कहीं भारी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की सूचना मिली है.