
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी विजय जोसेफ ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी बैंकों से लिए गए फसल लोन माफ करने का ऐलान किया है. सरकार ने सीमांत किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक के फसल लोन पूरी तरह माफ करने का फैसला लिया है. वहीं, बड़े किसानों को भी 5 हजार रुपये तक की राहत देने की घोषणा की गई है. राज्य सरकार के मुताबिक, इस फैसले से लाखों किसानों को आगामी खेती सीजन से पहले सीधा फायदा मिलेगा.
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना का लाभ राज्य के करीब 14.22 लाख किसानों को मिलेगा. फसल लोन माफी योजना को लागू करने में राज्य सरकार पर करीब 2,044 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा. सरकार का कहना है कि खेती की लागत और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला किसानों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है.
मालूम हो कि फसल लोन माफी का मुद्दा विधानसभा चुनाव के दौरान प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था. अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय और उनकी पार्टी ने किसानों को राहत देने का भरोसा दिया था. अब सरकार बनने के बाद इस फैसले को लागू करने की घोषणा कर दी गई है. इससे ग्रामीण इलाकों में किसानों के बीच सरकार का संदेश मजबूत करने की कोशिश भी मानी जा रही है.
राज्य सरकार के अनुसार, सहकारी बैंकों से 1 मई 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच लिए गए फसल लोन इस योजना के दायरे में आएंगे. सीमांत किसानों के लिए 50 हजार रुपये तक का पूरा लोन माफ किया जाएगा. वहीं, अन्य बड़े किसानों को 5 हजार रुपये तक की ऋण राहत दी जाएगी. इससे किसान आगामी बुवाई सीजन के लिए दोबारा कर्ज लेने और खेती जारी रखने में सक्षम हो सकेंगे. सरकार ने अन्य किसानों के लिए भी ऋण माफी की घोषणा की.
उधर, मुख्यमंत्री विजय ने कर्नाटक के मेकेदातु बांध परियोजना को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की. यह बैठक कर्नाटक में प्रस्तावित परियोजना के भूमि पूजन के बाद बुलाई गई, क्योंकि तमिलनाडु लगातार इस परियोजना का विरोध करता रहा है.
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य कावेरी नदी पर तमिलनाडु के जल अधिकारों की रक्षा करना और राज्य के किसानों के हितों को सुरक्षित रखना है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए. (पीटीआई)