
पंजाब सरकार ने किसानों को राहत देने और अलग-अलग फसलों की खेती (विविधता) को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए कई फसलों के लिए लोन सीमा बढ़ाने और नई फसलों को योजना में शामिल करने की घोषणा की है.
सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना और पारंपरिक खेती के साथ नई फसलों की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है.
नई व्यवस्था के तहत गेहूं की फसल के लिए लोन सीमा 24,300 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है. वहीं गन्ना किसानों के लिए राहत और भी बड़ी है. गन्ने की खेती के लिए लोन सीमा 44,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 1 लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है.
इसके अलावा, पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ का अतिरिक्त लोन भी दिया जाएगा.
खेती में विविधता लाने के लिए कई नई फसलों को KCC योजना में शामिल किया गया है. अब किसान इन फसलों के लिए भी आसानी से लोन ले सकेंगे—
सरकार ने खेती से जुड़े अन्य क्षेत्रों को भी प्रोत्साहित किया है. मछली पालन के लिए ऋण सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है, जो पहले 2.5 लाख रुपये थी. वहीं सफेद झींगा पालन के लिए लोन सीमा को 5.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक बढ़ाया गया है.
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि सहकारी बैंक किसानों को सिर्फ 7 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम होगा.
सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों की आमदनी बढ़ेगी, नई फसलों की खेती को बढ़ावा मिलेगा और सहकारी बैंकों की स्थिति भी मजबूत होगी. कुल मिलाकर, यह फैसला पंजाब में खेती को आधुनिक और फायदेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.