यूपी में मछली पालकों को Free में मिलेगा 5 लाख का बीमा, बस इस पोर्टल पर खुद को करें रजिस्टर्ड

यूपी में मछली पालकों को Free में मिलेगा 5 लाख का बीमा, बस इस पोर्टल पर खुद को करें रजिस्टर्ड

Fish Farming Scheme: निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने बताया कि CSC वाला पैसा नहीं लेगा, क्योंकि उसका पेमेंट भी सरकार करेगी. 20 रुपये का भुगतान सरकार के द्वारा CSC को किया जाएगा, वहीं, 80 रुपये मछली पालकों को दिया जाता है. अगर इसके बाद भी कोई समस्या आती है, तो जिले में मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मदद करेंगे. 

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नवीन लाल सूरी
  • LUCKNOW,
  • Jul 24, 2026,
  • Updated Jul 24, 2026, 9:38 AM IST

उत्तर प्रदेश के मछली पालकों और किसानों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मत्स्य पालकों के लिए 5 लाख रुपये तक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की सुविधा भी शुरू की गई है. प्रदेश के निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने किसान तक से खास बातचीत में यह जानकारी साझा की. रहमानी के अनुसार,मत्स्य पालकों का भी बीमा किया जाएगा. योजना के तहत पात्र मत्स्य पालकों को बीमा अवधि के दौरान दुर्घटना या अन्य निर्धारित परिस्थितियों में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा उपलब्ध  कराया जाएगा. इससे मत्स्य पालकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.

केंद्र और राज्य सरकार देगी बीमा का प्रीमियम

निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने बताया कि 'भारत सरकार की ग्रुप एक्सीडेंटल स्कीम' है, जो सिर्फ मछुआरों के लिए है. इस स्कीम के तहत  मछुआरों को कोई प्रीमियम नहीं देना है. उन्होंने बताया कि प्रीमियम की राशि 50 प्रतिशत केंद्र सरकार और बाकी 50 प्रतिशत राज्य सरकार के द्वार दिया जाएगा. अगर कोई आकस्मिक दुर्घटना होती है, जैसे मछली पकड़ने के दौरान पानी में डूब कर मौत या किसी सांप ने काट लिया और मार्ग दुर्घटना में मौत पर उस व्यक्ति को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. 

इलाज के लिए 50 हजार रुपये की मदद

रहमानी के मुताबिक, अगर किसी मछली पालक की स्थायी रुप से घायल हो गया तो उसे 2.50 लाख रुपये बीमा के द्वारा दिया जाएगा. जबकि गंभीर रुप से घायल होने पर 50 हजार रुपये की मदद इलाज के लिए दिया जाएगा.  

जानें आवेदन का पूरा प्रोसेस

उन्होंने बताया कि नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) भारत सरकार के मत्स्य विभाग द्वारा शुरू किया गया एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल है. उसपर जाकर मछली पालकों को सबसे पहले खुद को रजिस्टर्ड करना पड़ेगा. उसके बाद बीमा वाले ऑप्शन में  आवेदन करना होगा. वहीं, अगर मछली पालक को रजिस्टर्ड करने में परेशानी हो रही है, तो वो Common Services Centres (CSC) पर जाकर आसानी से मदद ले सकता है.

बीमा सुविधा मिलने से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़ेंगे

निदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने बताया कि CSC वाला पैसा नहीं लेगा, क्योंकि उसका पेमेंट भी सरकार करेगी. 20 रुपये का भुगतान सरकार के द्वारा CSC को किया जाएगा, वहीं, 80 रुपये मछली पालकों को दिया जाता है. अगर इसके बाद भी कोई समस्या आती है, तो जिले में मत्स्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मदद करेंगे. उनका कहना है कि बीमा सुविधा मिलने से अधिक लोग मत्स्य पालन से जुड़ेंगे और प्रदेश में निवेश बढ़ेगा.

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