
Farmer Registry: उत्तर प्रदेश में किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री (Farmer ID) के लिए योगी सरकार का महाअभियान जारी है. बहुत सारी दिक्कतों के चलते प्रदेश के लाखों किसान अभी भी इस काम को पूरा नहीं कर पाए हैं. प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि लगभग दो करोड़ किसानों ने फॉर्मर रजिस्ट्री करा ली है, जबकि 50 लाख किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक फॉर्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है. उन्होंने प्रदेश के ऐसे किसानों से अपील किया कि केंद्र और राज्य सरकार की लाभपरक योजनाओं का लाभ लेने के लिए 15 मई तक फॉर्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें.
उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि यथाशीघ्र प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान इस व्यवस्था से वंचित न रहे.
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार फार्मर रजिस्ट्री को कृषि क्षेत्र में एकीकृत लाभ वितरण प्रणाली के रूप में विकसित कर रही है. इसके अंतर्गत कृषि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की सभी लाभार्थीपरक योजनाओं को फार्मर रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है, जिससे किसान को विभिन्न योजनाओं का लाभ एक ही पहचान के आधार पर सरल और व्यवस्थित तरीके से प्राप्त हो सके.
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना सहित अन्य योजनाओं में यदि लाभार्थियों के नाम या अभिलेखों में कोई त्रुटि अथवा असंगति है तो उसे आधार से लिंक कर प्राथमिकता के आधार पर संशोधित किया जाए. साथ ही प्रत्येक पात्र किसान का किसान पहचान पत्र बनवाना सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए और पात्रता का सत्यापन सुगम हो सके.
प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शासन द्वारा सभी जिलाधिकारियों और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सत्यापन की प्रक्रिया को और तेज करें ताकि बाकी बचे किसानों को भी जल्द से जल्द फॉर्मर रजिस्ट्री के दायरे में लाया जा सके. इस डिजिटल डेटाबेस से भविष्य में खाद, बीज और अनुदान वितरण की प्रक्रिया और अधिक सरल हो जाएगी.
कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसान रजिस्ट्री एक सरकारी व्यवस्था है जो किसानों के बारे में पूरी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज करती है. इसमें उनका नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, जमीन का विवरण और उगाई जाने वाली फसलें शामिल होती हैं. पंजीकरण के बाद, किसानों को एक डिजिटल 'किसान ID' मिलती है.
1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upfr.agristack.gov.in पर जाएं.
2. होम पेज पर दिए गए 'फार्मर' विकल्प पर क्लिक करें.
3. अब 'क्रिएट न्यू यूजर अकाउंट' पर क्लिक करें.
4. अपना 12 अंकों का आधार नंबर डालें और 'OTP भेजें' पर क्लिक करें.
5. आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को दर्ज करें. इससे आपकी बुनियादी जानकारी अपने आप भर जाएगी.
6. इसके बाद जमीन के दस्तावेज, फसल संबंधी जानकारी और बैंक खाते की डिटेल दर्ज करें.
7. सारी जानकारी सही-सही भरने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें. आपको एक एनरोलमेंट आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रख लें.
8- रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आप अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.
अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और पीएम किसान के लिए नया रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं तो आपको फॉर्मर आईडी की आवश्यकता होगी. क्योंकि बिना फॉर्मर आईडी के किसी भी किसान को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा.
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