ऑफलाइन भू-लगान रसीद पर सख्ती: जारी करने पर अब आपराधिक केस, कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

ऑफलाइन भू-लगान रसीद पर सख्ती: जारी करने पर अब आपराधिक केस, कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

बिहार में ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त हो गया है. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनिक कार्रवाई के साथ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा. कई जिलों में अब भी ऑफलाइन रसीद के मामले सामने आए हैं.

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अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jan 28, 2026,
  • Updated Jan 28, 2026, 4:48 PM IST

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब वैसे कर्मचारियों के खिलाफ काफी सख्त कदम उठाने जा रहा है, जो ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी कर रहे हैं. इसको लेकर विभाग काफी सख्त दिख रहा है. वहीं विभाग के मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि भू-लगान भुगतान एवं रसीद जारी करने की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है. इसके बावजूद अगर कहीं से भी भू-लगान रसीद ऑफलाइन जारी होती है, तो वैसे विभागीय कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक लापरवाही ही नहीं, बल्कि गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक कृत्य मानते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

फर्जी कागजात वाले हो जाएं सावधान

उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि फर्जी कागजात तैयार करने वाले पदाधिकारी-कर्मियों को अब किसी हाल में भी बख्शा नहीं जाएगा. ऐसे अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ केवल अनुशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि अभी भी राज्य के कुछ जिलों में भू-लगान रसीद ऑफलाइन तरीके से काटी जा रही है. ऐसे अधिकारियों को लेकर चेतावनी है कि वे अपने कार्यों में बदलाव लाएं, नहीं तो उनके लिए यह अच्छी बात नहीं होगी.

ऑफलाइन रसीद काटना पूरी तरह प्रतिबंधित

राज्य के कई जिलों में ऑफलाइन रसीद काटने के मामले सामने आने के बाद विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने जिलाधिकारियों के पास पत्र भेजकर कहा है कि साल 2018 से लेकर 2025 तक कई बार विभागीय अधिसूचनाओं और पत्रों के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने पर पूरी तरह से रोक है. ऑफलाइन माध्यम से रसीद जारी करना गंभीर नियम उल्लंघन की श्रेणी में आता है.

इन जिलों में ऑफलाइन रसीद काटने के मामले

विभाग के सचिव द्वारा अंचल स्तर पर उपलब्ध सभी ऑफलाइन लगान रसीदों को एकत्र कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित रखने और उनकी सूची विभाग को उपलब्ध कराने का आदेश पूर्व में दिया जा चुका है. साथ ही व्यवहृत और अव्यवहृत सभी ऑफलाइन रसीदों को जिला अभिलेखागार में निर्धारित तिथि तक जमा कराने के निर्देश भी जारी किए गए थे. इस संबंध में शेखपुरा, पूर्णिया, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर जिलों द्वारा प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि शेष जिलों से प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया है.

गौरतलब है कि इसके बावजूद सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चंपारण, सहरसा और सुपौल जैसे जिलों में अभी भी ऑफलाइन लगान रसीद जारी की जा रही है, जिसको लेकर विभाग काफी सख्त दिख रहा है. वहीं विभाग के सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऑफलाइन लगान रसीदों की स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को तत्काल उपलब्ध कराएं. 

साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि अव्यवहृत लगान रसीद वॉल्यूम्स कहां और किस अधिकारी की अभिरक्षा में रखे गए हैं. इसके अतिरिक्त, ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत करने में संलिप्त पदाधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है.

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