
अगर आप बिहार से ताल्लुक रखते हैं और दाल प्रोसेसिंग यूनिट खोलना चाहते हैं, लेकिन आपके पास बहुत अधिक पूंजी नहीं है, तो इस स्थिति में बिहार सरकार आपकी मदद करेगी. राज्य सरकार की ओर से दलहन के प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग), भंडारण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने के लिए दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत राज्य के लोगों को करीब 33% तक अनुदान दिया जाएगा. वहीं, सरकार की ओर से फिलहाल करीब 10 जिलों के लाभार्थियों से 31 अगस्त तक दाल प्रोसेसिंग यूनिट खोलने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं. यह योजना दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत संचालित की जा रही है.
दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना के तहत राज्य में नई दाल मिल इकाइयों को शुरू करने के लिए सरकार की ओर से कई तरह के नियम बनाए गए हैं. इस योजना के तहत आवेदन एफपीओ, सीएलएफ, पैक्स, उद्यमी, व्यक्तिगत आवेदक और अन्य रजिस्टर्ड संस्थाएं कर सकती हैं. वहीं, दाल प्रोसेसिंग यूनिट शुरू करने के लिए सरकार की ओर से परियोजना लागत का करीब 33% या अधिकतम 25 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा. यह सहायता प्लांट और मशीनरी, भवन, वेयरहाउस और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए उपलब्ध होगी. हालांकि, भूमि खरीद, बिजली कनेक्शन, मानव संसाधन और अन्य ऑपरेशनल खर्च पर अनुदान नहीं मिलेगा. जबकि भवन और स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर पर अनुदान की राशि कुल पात्र अनुदान का अधिकतम 30 प्रतिशत तक तय की गई है.
दाल मिल लगाने के लिए अगर कोई एफपीओ, सीएलएफ और पैक्स रुचि लेते हैं, तो उनकी संस्था या समूह कम से कम 2 साल से रजिस्टर्ड और संचालित होना चाहिए. वहीं, निजी आवेदक की आयु 21 साल या उससे अधिक होनी चाहिए. इसके साथ ही परियोजना में न्यूनतम 15 प्रतिशत खुद का खर्च और बैंक लोन मंजूर होना अनिवार्य है. नई दाल प्रोसेसिंग यूनिट की न्यूनतम क्षमता 300 किलोग्राम प्रति घंटा निर्धारित की गई है. यूनिट में बीआईएस मानक की मशीनरी और एफएसएसएआई लाइसेंस अनिवार्य होगा. परियोजना को कम से कम तीन साल तक संचालित और रखरखाव करना होगा.
दाल प्रसंस्करण इकाई स्थापना योजना का लाभ सरकार की ओर से फिलहाल 10 जिलों के लिए शुरू किया गया है, जिसमें पटना, नालंदा, औरंगाबाद, मुजफ्फरपुर, लखीसराय, सुपौल, भागलपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया शामिल हैं. वहीं, इन जिलों के लाभार्थियों को अनुदान की राशि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी. इसका लाभ लेने के लिए आवेदक को आवेदन के साथ परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर), बैंक ऋण स्वीकृति/सहमति पत्र, आधार और बैंक विवरण और संस्थाओं के लिए पंजीकरण प्रमाणपत्र बिहार कृषि विभाग की वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन जमा करना होगा.