बिहार में कृषि भूमि पर शुरू कर सकेंगे कारोबार, नया विधेयक पास

बिहार में कृषि भूमि पर शुरू कर सकेंगे कारोबार, नया विधेयक पास

बिहार विधानसभा ने कृषि भूमि को गैर-कृषि उपयोग में बदलने से जुड़े पुराने कानून को खत्म करने वाला विधेयक पारित कर दिया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद किसान अपनी कृषि भूमि पर बिना भूमि रूपांतरण (बदलाव) कराए उद्योग और व्यवसाय शुरू कर सकेंगे. सरकार इसे निवेश और उद्योग के लिए बड़ा कदम बता रही है, जबकि किसान नेताओं ने इसे किसानों की जमीन अधिग्रहण को आसान बनाने वाला कानून बताया है.

Agricultural Land Bill 2026Agricultural Land Bill 2026
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jul 22, 2026,
  • Updated Jul 22, 2026, 4:55 PM IST

बिहार विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सरकार ने कृषि भूमि से जुड़े एक महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कर दिया. विधानसभा ने बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) (निरसन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है. राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा.

नए प्रावधान के तहत अब कृषि भूमि का स्वरूप बदले बिना ही उसका उपयोग उद्योग, व्यवसाय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा. पहले किसानों और कारोबारियों को कृषि भूमि पर किसी औद्योगिक या व्यावसायिक गतिविधि की शुरुआत करने से पहले भूमि का गैर-कृषि उपयोग के लिए बदलाव कराना पड़ता था.

निवेश को मिलेगा बढ़ावा

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने सदन में विधेयक पेश करते हुए कहा कि साल 2010 में लागू किए गए बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए सम्परिवर्तन) अधिनियम की प्रक्रिया काफी जटिल हो गई थी. विभागीय समीक्षा में पाया गया कि इस कानून के कारण उद्योग-धंधे लगाने में जरूरी बाधाएं आ रही थीं और सरकार को अपेक्षित राजस्व भी नहीं मिल पा रहा था.

मंत्री ने कहा कि पुराने कानून के तहत कृषि भूमि पर व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए पहले उसमें बदलाव कराना अनिवार्य था. ऐसा नहीं करने पर संबंधित व्यक्ति को जुर्माना भुगतना पड़ता था और अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे. नए कानून के लागू होने के बाद इन प्रक्रियात्मक अड़चनों से राहत मिलेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा.

नए उद्यमियों को राहत

सरकार का दावा है कि यह कदम बिहार में उद्योग और व्यापार के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा. साथ ही उन लोगों को भी राहत मिलेगी, जो कृषि भूमि पर पहले से व्यवसाय चला रहे हैं या नया उद्यम शुरू करना चाहते हैं. हालांकि, इस विधेयक को लेकर किसान संगठनों ने सवाल उठाए हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक मंडल सदस्य और किसान नेता अशोक सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार नए-नए कानूनों के जरिए किसानों की जमीन पर कब्जा आसान बनाना चाहती है. उनका कहना है कि सैटेलाइट टाउनशिप, एक्सप्रेसवे और अन्य विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन लेने की कोशिश की जा रही है और यह कानून उसी दिशा में उठाया गया कदम है.

किसान नेताओं ने उठाए सवाल

किसान नेताओं का दावा है कि सरकार अपनी सुविधाओं और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भूमि संबंधी नियमों में बदलाव कर रही है. वहीं सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं को सरल बनाना और राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है.

अब इस विधेयक के कानून बनने के लिए राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है. मंजूरी मिलने के बाद बिहार में कृषि भूमि पर उद्योग और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी.

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