कावेरी जल विवाद पर CM शिवकुमार का रुख साफ, बंद की जरूरत नहीं; किसानों के साथ सरकार

कावेरी जल विवाद पर CM शिवकुमार का रुख साफ, बंद की जरूरत नहीं; किसानों के साथ सरकार

कावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने किसानों और राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार हर हाल में उनके हितों की रक्षा करेगी. उन्होंने 13 अगस्त को प्रस्तावित कर्नाटक बंद वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि सरकार कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी.

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमारमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 02, 2026,
  • Updated Aug 02, 2026, 5:54 PM IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा है कि उनकी सरकार कावेरी नदी के जल विवाद में राज्य के किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार कानूनी दायरे में रहकर हर जरूरी कदम उठाएगी और पीने के पानी की जरूरत को सबसे पहली प्राथमिकता देगी. साथ ही उन्होंने कन्नड़ समर्थक संगठनों से 13 अगस्त को प्रस्तावित कर्नाटक बंद वापस लेने की अपील भी की.

तमिलनाडु के CM ने टाला बेंगलुरु दौरा

मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मौजूदा हालात को देखते हुए बेंगलुरु दौरा कुछ समय के लिए टालने का अनुरोध किया था. उन्होंने कहा कि CM विजय ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया. CM शिवकुमार के मुताबिक, इससे दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी और भविष्य में बेहतर माहौल में बातचीत हो सकेगी. दोनों नेताओं की सोमवार को मुलाकात होनी थी, जिसमें कावेरी जल विवाद पर चर्चा होने की संभावना थी. लेकिन राज्य में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए बैठक फिलहाल टाल दी गई.

बंद की जरूरत नहीं: डी. के. शिवकुमार

रविवार को कावेरी मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में बारिश की स्थिति पहले से बेहतर हुई है और सभी राजनीतिक दल सरकार के साथ खड़े हैं. ऐसे में बंद से किसी को कोई फायदा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी फैसले कानूनी सलाह और कृषि विशेषज्ञों की राय के आधार पर लिए जाएंगे.

क्यों हो रहा है विरोध?

कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को कर्नाटक बंद का आह्वान किया है. यह विरोध कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस आदेश के खिलाफ है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी तमिलनाडु छोड़ने का निर्देश बरकरार रखा गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि तमिलनाडु ने 9 टीएमसी पानी की मांग की थी, लेकिन प्राधिकरण ने 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया है.

किसानों के हित सबसे पहले

CM शिवकुमार ने कहा कि वह खुद कावेरी बेसिन क्षेत्र से आते हैं और किसान परिवार से हैं, इसलिए किसानों की चिंता को अच्छी तरह समझते हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की 7.5 करोड़ जनता को सरकार की नीयत पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाएगी और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में भी मजबूती से अपना पक्ष रखेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अभी तक सामान्य बारिश का केवल करीब 37 प्रतिशत हिस्सा ही दर्ज हुआ है. हालांकि कोडगु और केरल के वायनाड के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है, लेकिन मैसूरु, मांड्या और बेंगलुरु समेत कई क्षेत्रों में अब भी बारिश कम हुई है.

उन्होंने कहा कि फिलहाल सूखा घोषित करना जल्दबाजी होगी. पहले जिलों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है और उसके बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और एनडीआरएफ के दिशा-निर्देशों के अनुसार फैसला लिया जाएगा.

बांधों में बढ़ी पानी की आवक

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल की बारिश के बाद कावेरी बेसिन के प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है.

काबिनी बांध – 24,000 क्यूसेक
कृष्णराज सागर (KRS) – 22,000 क्यूसेक
हेमावती – 11,884 क्यूसेक
हारंगी – 10,430 क्यूसेक

इन सभी को मिलाकर कुल पानी की आवक करीब 67,178 क्यूसेक हो गई है.

किसानों को दी गई सलाह

मुख्यमंत्री ने किसानों से घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय और विशेषज्ञ जिला स्तर पर मौसम और बारिश की स्थिति के अनुसार किसानों को फसल संबंधी सलाह देंगे. सरकार ने किसानों की मदद के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर 30 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी मंजूर की है.

सर्वदलीय बैठक में मिला समर्थन

CM शिवकुमार ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विपक्ष के नेता और कानूनी विशेषज्ञ शामिल हुए. सभी ने एकमत होकर सरकार के प्रयासों का समर्थन किया और राज्य के हित में हर संभव सहयोग देने का भरोसा जताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा, पीने के पानी की उपलब्धता और कानूनी लड़ाई-तीनों मोर्चों पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है. साथ ही उन्होंने सभी संगठनों से शांति बनाए रखने और राज्य के हित में सहयोग करने की अपील की. (PTI)

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