
कर्नाटक में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर राजनीति और किसानों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने आरोप लगाया है कि इस प्रोजेक्ट के नाम पर किसानों की जमीन जबरन ली जा रही है और इसके पीछे कुछ लोगों के व्यापारिक हित जुड़े हुए हैं. उन्होंने साफ कहा कि वह किसानों की जमीन बचाने के लिए आंदोलन शुरू करेंगे.
यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु दक्षिण जिले और रामनगर इलाके के करीब 7481 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाना है. सरकार ने इसके लिए करीब 18 हजार करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है. लेकिन इस इलाके के कई किसान और गांव के लोग जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन छीनी जा रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा.
देवगौड़ा ने बिना नाम लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग किसानों की जमीन लेकर बड़े व्यापारिक फायदे कमाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पहले किसानों के बीच जाकर उनकी परेशानियां सुननी चाहिए.
देवगौड़ा ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया हमेशा सामाजिक न्याय की बात करते रहे हैं, इसलिए उन्हें किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए.
पूर्व प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि उनके बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पहले भी जनता के विरोध के कारण ऐसे पांच टाउनशिप प्रोजेक्ट रोक दिए थे. उन्होंने कहा कि जब लोग इस परियोजना के खिलाफ हैं, तो सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए.
देवगौड़ा ने यह भी कहा कि बिदादी इलाके में किसान बड़े स्तर पर डेयरी और बागवानी का काम करते हैं. यहां से हर दिन बड़ी मात्रा में दूध सप्लाई किया जाता है. इसके अलावा इस क्षेत्र में सिंचाई परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, ताकि किसानों को फायदा मिल सके.
देवगौड़ा ने सवाल उठाया कि आखिर किसानों से ली जाने वाली जमीन किसे दी जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि इस परियोजना का असली फायदा किसे मिलेगा.
उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु के आसपास हजारों एकड़ जमीन किसके नाम पर है, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की समस्याएं सुनने के बजाय दबाव में काम कर रही है.
देवगौड़ा ने साफ कहा कि वह इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की है और कहा कि अब उनकी लड़ाई शुरू हो चुकी है. उनका कहना है कि गरीब किसानों की जमीन बचाने के लिए संघर्ष जरूरी है. इस पूरे मामले ने बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर किसानों की चिंता और राजनीति दोनों को और तेज कर दिया है.
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