'आलू किसानों को जल्‍द भावांतर भरपाई का पैसा दे हरियाणा सरकार', किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

'आलू किसानों को जल्‍द भावांतर भरपाई का पैसा दे हरियाणा सरकार', किसान संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी

हरियाणा में आलू किसानों की बकाया भावांतर भरपाई राशि को लेकर भाकियू चढ़ूनी ने सरकार से जल्द भुगतान की मांग की है. किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि पूरी राशि खातों में नहीं पहुंची तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे.

किसान नेता गुरुनाम सिह चढूनी. (फाइल फोटो)किसान नेता गुरुनाम सिह चढूनी. (फाइल फोटो)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Sep 06, 2026,
  • Updated Sep 06, 2026, 4:45 PM IST

हरियाणा में आलू किसानों की बकाया भावांतर भरपाई के पैसों को लेकर भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी (BKU-चढ़ूनी) ने प्रदेश सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है. संगठन ने मांग की है कि किसानों के हिस्से की पूरी राशि तत्काल उनके बैंक खातों में पहुंचाई जाए. साथ ही चेतावनी दी है कि भुगतान में और देरी हुई तो किसान अपने हक के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाने और बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे. किसान संगठन ने कहा कि इस साल आलू की कीमतें काफी नीचे रहने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. कई किसानों के लिए फसल का बाजार भाव इतना कम रहा कि उनकी उत्पादन लागत तक पूरी नहीं हो सकी. ऐसे में सरकार की भावांतर भरपाई योजना से मिलने वाली सहायता किसानों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत है.

दो किस्तों के बाद भी भुगतान अधूरा: BKU चढ़ूनी

किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के तहत दो किस्तें जारी की थीं. संगठन का कहना है कि भुगतान प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी तक योजना की पूरी सहायता राशि से वंचित हैं. कई महीने गुजरने के बाद भी किसानों को अपने खाते में भुगतान का इंतजार है.

करीब 90 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा

भाकियू चढ़ूनी के अनुसार, आलू किसानों की भावांतर भरपाई के तहत करीब 90 करोड़ रुपये की राशि बकाया थी. संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से इस बकाया राशि में से कुछ भुगतान जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है, लेकिन कई किसानों के बैंक खातों में यह रकम अभी तक नहीं पहुंची है. 

बढ़ती लागत के बीच भुगतान में देरी पर सवाल

भाकियू चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि किसान पहले से ही कम फसल भाव और बढ़ती खेती की लागत का दबाव झेल रहे हैं. डीजल, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि खर्च लगातार आर्थिक बोझ बढ़ा रहे हैं. ऐसे हालात में सरकार की ओर से घोषित सहायता राशि का समय पर नहीं मिलना किसानों की परेशानी और बढ़ा रहा है.

सरकार से तय समयसीमा घोषित करने की मांग

संगठन ने सरकार से मांग की है कि बकाया भावांतर भरपाई जारी करने की स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक की जाए. जिन किसानों के लिए भुगतान मंजूर या जारी हो चुका है, उनके खातों में रकम बिना किसी और देरी के पहुंचाई जाए.

भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

भाकियू चढ़ूनी ने साफ कहा है कि अगर किसानों की पूरी बकाया राशि जल्द जारी नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा. किसानों को अपने अधिकारों के लिए बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

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