केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में अपना 9वां केंद्रीय बजट पेश किया. हर साल बजट पेश करते समय सिर्फ अपने भाषण ही नहीं, बल्कि अपनी साड़ी के चयन को लेकर भी चर्चा में रहती है. 2019 से 2026 तक उन्होंने अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक और हैंडलूम साड़ियां पहनकर भारतीय कारीगरों और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया है. हर बजट डे पर उनकी साड़ी एक खास संदेश देती नजर आई है.
9वें आम बजट को पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज कर्तव्य भवन पहुंचीं, जहां वह बैंगनी रंग की प्लेट और गोल्डन बॉर्डर वाली तमिलनाडु की कांजीवरम साड़ी पहने नजर आईं. सिंपल लेकिन ट्रेडिशनल लुक वाली यह साड़ी भारतीय परंपरा और सादगी को दर्शाती है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की साड़ी हर बार खास और गहरा संदेश देती है. हर साल बजट पर उनकी साड़ी न सिर्फ फैशन का हिस्सा बनती है, बल्कि भारत की हथकरघा विरासत, क्षेत्रीय कला और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने का माध्यम भी बनती है.
इस बार बैंगनी रंग के साड़ी का खास मायने है. उनकी साड़ियां अक्सर सूक्ष्म और गहरा संदेश देती हैं, जैसे स्थानीय कारीगरों का समर्थन या आर्थिक प्रगति का प्रतीक. ऐसे में बैंगनी रंग का महिलाओं से खास संबंध है, तो वहीं तमिलनाडु में इस साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं. इसे देखते हुए भी इस बार उनकी साड़ी चर्चा का विषय है.
बैंगनी रंग महिला सशक्तिकरण, गरिमा, न्याय और समानता का प्रतीक माना जाता है. यह रंग अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और नारी अधिकार आंदोलन से भी जुड़ा रहा है. ऐसे में इस साड़ी के रंग का इशारा है कि क्या इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य या आर्थिक सहायता पर फोकस रहेगा.
निर्मला सीतारमण की यह परंपरा साल 2019 के बजट से चली आ रही है, जहां हर बजट में वह अलग-अलग राज्यों की साड़ियां चुनती हैं. यह न केवल शिल्प कौशल को सम्मान देता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा देता है.
बता दें कि साल 2025 के बजट में निर्मला सीतारमण की ऑफ-व्हाइट हैंडलूम सिल्क साड़ी सबसे ज्यादा चर्चा में रही थी. इस साड़ी पर मछली थीम वाली मधुबनी पेंटिंग थी, जिसे पद्मश्री सम्मानित दुलारी देवी ने तैयार किया था. वहीं, साल 2025 में भी बिहार में चुनाव था.
साल 2024 में के अंतरिम बजट के दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की कांथा कढ़ाई वाली नीली टसर सिल्क साड़ी चुनी थीं. ये साड़ी खास टसर रेशम से तैयार की गई थी. ये रेशम अपनी तांबे जैसी चमक के लिए जाना जाता है. वहीं, टसर भारत की जनजातियों से गहराई से जुड़ा हुआ है.
साल 2023 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर्नाटक की एक लाल सिल्क साड़ी पहनी थी. इस पर काले रंग का टेम्पल बॉर्डर और कसूती कढ़ाई थी. यह साड़ी एक और समृद्ध बुनाई विरासत को दर्शा रही थी. यह साड़ी भारतीय मंदिर वास्तुकला से प्रेरित मानी जाती है.
वहीं 2022 के बजट में उन्होंने ओडिशा की पारंपरिक बोंमकाई साड़ी पहनी. रस्ट ब्राउन रंग और ऑफ-व्हाइट बॉर्डर वाली इस साड़ी ने राज्य की समृद्ध बुनाई कला को दिखाया. ये सदियों पुरानी टेक्सटाइल परंपराओं की प्रतीक है.
साल 2021 में निर्मला सीतारमण ने लाल बॉर्डर वाली ऑफ-व्हाइट पोचमपल्ली साड़ी पहनी थी. ये साड़ी तेलंगाना के भूदान पोचमपल्ली गांव में बनती हैं और अपनी टाई-डाई तकनीक के लिए फेमस है. इस हथकरघा साड़ी के जरिए उन्होंने 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने की कोशिश की. बता दें कि इस साड़ी को साल 2005 में GI टैग मिल चुका है.
साल 2020 कोरोना महामारी के बीच वित्त मंत्री ने पीले रंग की रेशमी साड़ी पहनी थी, जिस पर हल्के नीले रंग का पतला किनारा था. पीला रंग समृद्धि और आर्थिक विकास का प्रतीक माना जाता है. वहीं, महामारी के बीच उन्होंने यही संदेश देने की कोशिश की थी.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अपने कार्यकाल में पहला बजट 2019 का पेश किया गया था. इस दौरान वित्त मंत्री ने सुनहरे बॉर्डर वाली गुलाबी मंगलगिरी साड़ी पहनी थी. आंध्र प्रदेश की यह साड़ी हल्के वजन और बारीक बुनाई के लिए जानी जाती है.