
बिहार के बेगूसराय में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब यह खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. बछवाड़ा प्रखंड के दियारा इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. कई जगहों पर सड़कों पर करीब दो फीट पानी भर गया है, जबकि हजारों बीघा में लगी फसल गंगा नदी के पानी में डूब गई है.
दादूपुर, बिशनपुर और चमथा पंचायतों के निचले इलाकों में पानी फैल गया है. वहीं, कई जगहों पर सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है. चमथा और बछवाड़ा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर लोदियाही और अजीतपुर-बिशनपुर के पास ग्रामीण घुटने भर पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं.
बाढ़ का पानी बढ़ने से दियारा के कई इलाकों में सड़क से आवाजाही मुश्किल हो गई है. बिचली दीरी, वसूलिया टोल, रतलाहपुर दियारा और जमाइन काट जैसे इलाकों में अब नाव ही आने-जाने का मुख्य साधन बन गई है. ग्रामीण जरूरी काम के लिए पानी के बीच नाव का सहारा ले रहे हैं.
गंगा के पानी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. दियारा इलाके में मक्का, मिर्च और दूसरी फसलें पानी में डूब गई हैं. बिशनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया श्रीराम राय के मुताबिक, फसल बर्बाद होने से किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
फसल डूबने के साथ ही पशुपालकों की परेशानी भी बढ़ गई है. खेतों में मौजूद चारा भी पानी में डूब गया है, जिससे मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है. कई पशुपालक अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो अगले दो-तीन दिनों में दियारा क्षेत्र के कई घरों में पानी प्रवेश कर सकता है. इससे ग्रामीणों में डर का माहौल है और लोग सुरक्षित जगहों की तलाश करने लगे हैं.
पूर्व मुखिया श्रीराम राय ने बताया कि मनरेगा के तहत दियारा क्षेत्र में बाढ़ आश्रय स्थल बनाने पर बड़ी रकम खर्च की गई थी, लेकिन जरूरत के समय लोगों को इनका लाभ नहीं मिल रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से फसल नुकसान का आकलन कराने, मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करने और सुरक्षित स्थानों पर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है. (सौरभ कुमार की रिपोर्ट)