
तेलंगाना के वानापर्थी जिले में प्रियदर्शिनी जुराला प्रोजेक्ट पर सिंचाई पानी को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन तनावपूर्ण हो गया. लंबे समय तक अधिकारियों से पानी छोड़ने की मांग पूरी नहीं होने पर नाराज किसानों ने लेफ्ट कैनाल के रेगुलेटर गेट खुद खोल दिए और नहर में पानी छोड़ दिया. जुराला प्रोजेक्ट के आयकट क्षेत्र से जुड़े किसानों ने सिंचाई पानी की मांग को लेकर लेफ्ट कैनाल पर दिनभर प्रदर्शन किया. किसानों ने आरोप लगाया कि पानी नहीं मिलने से उनकी खड़ी फसलें प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है.
प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों ने किसानों को बताया कि जुराला जलाशय में पानी का भंडारण कम होने के कारण फिलहाल नहर में पानी छोड़ना संभव नहीं है. अधिकारियों के इस जवाब के बाद किसानों में नाराजगी और बढ़ गई.
पानी की मांग को लेकर किसानों और प्रोजेक्ट के सहायक अभियंता के बीच बहस भी हुई. किसानों का कहना था कि वे कई घंटे से अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पानी छोड़ने का कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया.
किसानों ने जब अधिकारियों की ओर से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं देखी, तो वे लेफ्ट कैनाल के रेगुलेटर की ओर बढ़ गए. इसके बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने नहर के गेट खुद खोल दिए, जिससे पानी कैनाल में बहने लगा.
किसानों ने कहा कि सिंचाई पानी नहीं मिलने की स्थिति में उनकी खड़ी फसलें प्रभावित हो सकती हैं. उनका कहना था कि लंबे समय से पानी की मांग करने के बावजूद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो उन्होंने खुद नहर में पानी छोड़ने का फैसला किया.
किसानों के गेट खोलने के बाद प्रोजेक्ट स्थल पर तनाव की स्थिति बन गई. इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की. किसानों ने अधिकारियों पर कई घंटे तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया.
किसानों ने सरकार से जुराला आयकट क्षेत्र में फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी सुनिश्चित करने की मांग की. किसानों का कहना है कि उनकी खड़ी फसलों को बचाने के लिए तत्काल पानी की उपलब्धता जरूरी है. (अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)