फर्जी बैंक खाते का शिकार बना मजदूर, IT ने थमा दिया 7 करोड़ से ज्यादा का नोटिस

फर्जी बैंक खाते का शिकार बना मजदूर, IT ने थमा दिया 7 करोड़ से ज्यादा का नोटिस

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में गरीब मजदूर गोविंद कुमार को आयकर विभाग ने 7 करोड़ 15 लाख रुपये का नोटिस थमा दिया. सिस्टम की गलती और फर्जी खाते के कारण गरीब परिवार सदमे में. जानें कैसे मजदूर पर पड़ा करोड़ों का बोझ और अब वह इंसाफ के लिए उच्च अधिकारियों से गुहार लगा रहा है.

मजदूर को मिला 7 करोड़ का नोटिसमजदूर को मिला 7 करोड़ का नोटिस
क‍िसान तक
  • Hardoi,
  • Jan 19, 2026,
  • Updated Jan 19, 2026, 5:13 PM IST

कभी-कभी सिस्टम की एक छोटी सी गलती किसी गरीब इंसान की पूरी ज़िंदगी मुश्किल में डाल देती है. उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से आई यह खबर दिल को छू लेने वाली है. यह कहानी है गोविंद कुमार की, जो दिनभर मजदूरी करके अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाते हैं. लेकिन एक दिन उनके हाथ में ऐसा नोटिस आया, जिसने पूरे परिवार को डरा दिया. आयकर विभाग ने गोविंद को 7 करोड़ 15 लाख रुपये से ज्यादा रकम जमा करने का नोटिस भेज दिया.

गरीब घर, करोड़ों का नोटिस

हरदोई जिले के माधौगंज थाना क्षेत्र के रुदामऊ गांव में गोविंद का छोटा सा घर है. घर की दीवारें ही बता देती हैं कि परिवार कितना गरीब है. खाने के लिए भी पूरा अनाज नहीं रहता, लेकिन उसी घर पर करोड़ों रुपये के टैक्स का नोटिस पहुंच गया. नोटिस देखकर गोविंद और उनका परिवार सदमे में आ गया. पत्नी सोनी देवी, बूढ़े माता-पिता और भाई-बहन सभी के मन में एक ही सवाल था- एक मजदूर के पास इतने पैसे आखिर आए कहां से?

कैसे हुआ किसान के साथ ये धोखा

यह कहानी आज की नहीं है, बल्कि करीब छह साल पुरानी है. गोविंद काम की तलाश में कानपुर गए थे. वहीं कुछ लोगों ने उनकी गरीबी का फायदा उठाया. उन्हें सरकारी मदद दिलाने का लालच दिया गया. एक महिला गोविंद को सीतापुर के बिसवां ले गई. वहां एक बैंक में उनके नाम से खाता खुलवाया गया. बदले में गोविंद को सिर्फ दो-तीन हजार रुपये दिए गए. लेकिन उनसे पासबुक और चेकबुक ले ली गई.

खाते का गलत इस्तेमाल

गोविंद को यह नहीं पता था कि उनके नाम से खुले खाते का गलत इस्तेमाल किया जाएगा. आशंका है कि जालसाजों ने इसी खाते से फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया. गोविंद को इस बारे में कुछ भी मालूम नहीं था. वह तो बस मजदूरी करके अपना पेट भर रहे थे.

नोटिस ने उड़ाए होश

जब आयकर विभाग की टीम गांव पहुंची और पुराने नोटिस व बैंक लेन-देन की जानकारी दी, तो गोविंद के होश उड़ गए. उन्हें पहली बार पता चला कि उनके नाम पर करोड़ों का कारोबार दिखाया गया है. परिवार के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं था. गोविंद का बड़ा भाई ठेला लगाता है और छोटा भाई मजदूरी करता है. पूरे परिवार की हालत बहुत कमजोर है.

परिवार ने लगाई गुहार

गोविंद कहते हैं, “मैं बहुत गरीब हूं. मेहनत-मजदूरी करता हूं. मेरे पास कुछ भी नहीं है. मेरे नाम पर इतना पैसा कहां से आया, मुझे नहीं पता.” उनकी मां कमला देवी कहती हैं कि उन्हें इस सबके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. बच्चों को काम के लिए बुलाया गया और खाता खुलवा दिया गया. अब नोटिस आने के बाद सच्चाई सामने आई है.

न्याय की उम्मीद

अब गोविंद उच्च अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं. वह चाहते हैं कि उन्हें बेगुनाह साबित किया जाए और जिन लोगों ने धोखा दिया, उन्हें सजा मिले. साथ ही यह सवाल भी उठता है कि इतने बड़े लेन-देन पर बैंक की निगरानी कहां थी.

सबके लिए सीख

गोविंद की कहानी सिर्फ एक इंसान की नहीं है. यह उन हजारों मजदूरों के लिए चेतावनी है, जो थोड़े से लालच में अपने कागज दूसरों को दे देते हैं. बिना समझे खाता खुलवाना और दस्तावेज देना बहुत खतरनाक हो सकता है. अब देखना यह है कि जांच के बाद गोविंद को कब इंसाफ मिलता है और क्या सिस्टम इस गरीब की जिंदगी को फिर से पटरी पर ला पाता है.

ये भी पढ़ें: 

Cotton Mandi Bhav: कपास के दाम में जबरदस्त उछाल, 8 हजार के पार पहुंचा दाम
प्याज किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, बंपर पैदावार के लिए जारी होंगी ये 5 नई उन्नत किस्में

MORE NEWS

Read more!