
गुजरात के मेहसाणा जिले में किसान और व्यापारी सरकार के नीति के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं. दरअसल, उत्तर गुजरात के कृषि और व्यापार का हब माने जाने वाले मेहसाणा के उनावा में फिलहाल तंबाकू की खेती करने वाले किसान और व्यापारी सरकार की नीति के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं. सरकार द्वारा गैर-विनिर्मित तंबाकू पर जिस तरह से टैक्स का बोझ बढ़ाने की तैयारी की गई है, उसके कारण व्यापारी और किसान दोनों मुश्किल में आ गए हैं. ऊंझा तंबाकू व्यापारी मंडल और किसानों ने मिलकर उनावा APMC चेयरमैन को ज्ञापन सौंपकर इस टैक्स को घटाने की मांग की है.
एशिया की सबसे बड़ी मानी जाने वाली ऊंझा मार्केटयार्ड के पास स्थित उनावा APMC में किसानों के बीच रोष का माहौल देखने को मिला. उनावा APMC क्षेत्र के तंबाकू व्यापारी और किसान मंडल द्वारा APMC चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपा है. इस विरोध का मुख्य कारण गैर-विनिर्मित तंबाकू पर सरकार द्वारा लादे जा रहे भारी-भरकम टैक्स है.
व्यापारियों के अनुसार, फिलहाल सरकार द्वारा तंबाकू पर 28 फीसदी जीएसटी और उसके ऊपर एक्साइज ड्यूटी जैसे टैक्स का बोझ बढ़ाने की सुगबुगाहट चल रही है, जिसके कारण उत्तर गुजरात के 600 से 700 व्यापारी असमंजस में हैं. व्यापारियों का कहना है कि इतने अधिक टैक्स के कारण वे किसानों से अच्छे दाम पर माल नहीं खरीद पाएंगे. ऊंझा तंबाकू एसोसिएशन के अध्यक्ष हसमुखभाई पटेल के अनुसार, यदि सरकार राहत नहीं देगी तो आने वाले समय में व्यापार-उद्योग टूट जाएगा.
दूसरी तरफ, इस टैक्स की सीधी मार किसानों पर पड़ रही है. किसानों की व्यथा है कि यदि व्यापारी माल नहीं खरीदेंगे या कम दाम पर खरीदेंगे, तो किसानों का गुजारा कैसे चलेगा? नाथालाल नामक किसान ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि बनासकांठा और मेहसाणा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तंबाकू की खेती होती है. लेकिन दाम न मिलने के कारण सामाजिक प्रसंग निपटाना या बच्चों का पेट भरना भी मुश्किल हो जाएगा. स्थिति ऐसी है कि किसानों को आत्महत्या करने की नौबत आ सकती है.
इस मामले में उनावा APMC चेयरमैन ने किसानों और व्यापारियों की बात सुनी. उन्होंने आश्वासन दिया है कि यह मार्केट कपास और तंबाकू पर निर्भर है, ऐसे में इस टैक्स के बोझ के संबंध में वे राज्य सरकार और संबंधित मंत्रियों के समक्ष बातचीत करेंगे, ताकि किसानों को उचित दाम मिले और व्यापार चलता रहे.
बता दें कि अभी दो दिन पहले ही आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक के एफसीवी (फ्लू-क्योर वर्जीनिया) तंबाकू किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की थी. और उनसे कानूनी सिगरेट पर टैक्स का भार कम करने की अपील की थी. निर्मला सीतारमण ने सभी चिंताओं को ध्यान से सुना और सकारात्मक प्रतिक्रिया दीं. साथ ही आश्वासन दिया कि सरकार इस मुद्दों पर गौर करेगी. (मनीष मिस्त्री की रिपोर्ट)