
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक कृषि अधिकारी किसान को पीटते दिखाई दे रहा है. वीडियो की सच्चाई जानने पर पता चला कि यह जिले के मंगरूलपीर तहसील के गोगरी गांव के एक खेत का है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मंगरूलपीर तहसील के कृषि अधिकारी अपनी टीम के साथ सर्वे करने गोगरी गांव के एक किसान के खेत में पहुंचे थे, उस खेत में उसी गांव का ऋषिकेश पवार नामक किसान भी मौजूद था और वह कृषि विभाग की सर्वे करने आई टीम की शूटिंग (वीडियो बना रहा था) कर रहा था, और अपने मुआवजे की बात भी अधिकारी से कर रहा था.
इस दौरान अचानक तहसील कृषि अधिकारी सचिन कांबले अपना आपा खो बैठते हैं और किसान की ओर झपटते है, उससे कहते है शूटिंग क्यों कर रहा है और अपने हाथ में रखे रजिस्टर पर उसके मोबाइल पर मारते हैं, जिससे किसान का मोबाइल गिर जाता है. इसके बाद अधिकारी किसान को थप्पड़ मारता है और पैर से चप्पल निकालकर उससे भी मारने की कोशिश करता है, यह सारी घटना वहीं खड़े दूसरे किसान के मोबाइल में कैद हो गई.
ऋषिकेश पवार नामक पीड़ित किसान ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत की गई मजदूरी के पैसे नहीं मिलने की शिकायत उसने जिला कृषि अधिकारी दफ्तर में की थी, उसी कारण कृषि अधिकारी ने उसकी पिटाई की. किसान ने कहा कि वह घबराया हुआ है. प्रशासन से उसने कृषि अधिकारी के निलंबन करने की मांग की और कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा.
इस संबंध में आत्मा प्रकल्प की डायरेक्टर और प्रभारी वाशिम जिला कृषि अधिकारी अनीसा महाबले ने ‘आजतक’ को फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित किसान से जाकर मुलाकात की है और मामले की जांच की. जिस कृषि अधिकारी ने किसान को पीटा है, उसकी रिपोर्ट कृषि विभाग के जॉइंट डायरेक्टर गणेश घोड़फडे को भेजी है.
अब कृषि अधिकारी पर ज्वाइंट डायरेक्टर क्या एक्शन लेंगे यह देखने वाली बात होगी, इस घटना से किसान संघटनाओं के प्रतिनिधियों के बीच आक्रोश दिखाई दिया. किसान नेता रविकांत तुपकर ने मांग की है कि ऐसे अधिकारी को सर्विस करने का अधिकार नहीं है. जल्द से जल्द कृषि अधिकारी का निलंबन किया जाए.