
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के सामान्य वन मंडल के अंतर्गत आने वाले साल (सरई) के जंगल एक बार फिर बड़े संकट का सामना कर रहे हैं. करीब तीन दशक पहले 1997-98 में भारी नुकसान पहुंचाने वाला साल बोरर कीट फिर सक्रिय हो गया है. वन विभाग के मुताबिक संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 1.46 लाख से अधिक संक्रमित साल के पेड़ों की पहचान की गई है, जिन्हें काटना जरूरी माना गया है. वन विभाग के अनुसार, पूर्व करंजिया, पश्चिम करंजिया, दक्षिण समनापुर और बजाग वन परिक्षेत्र के करीब 30 हजार हेक्टेयर जंगल में साल बोरर का असर देखा गया है.
सर्वे के दौरान 1,46,784 संक्रमित पेड़ों को चिह्नित किया गया है. फिलहाल करीब 15 हजार पेड़ों की कटाई का काम चल रहा है. उत्पादन डीएफओ भारती ठाकरे ने बताया कि सामान्य वन मंडल ने संक्रमित पेड़ों की पूरी लिस्ट केंद्र सरकार को भेज दी है. अंतिम मंजूरी मिलते ही बड़े पैमाने पर कटाई शुरू की जाएगी, जिसे पूरा करने में करीब तीन महीने लग सकते हैं.
साल बोरर की संख्या कम करने के लिए वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से विशेष अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत हर साल बोरर कीट के बदले 2 रुपये दिए जा रहे हैं. अब तक ग्रामीण करीब 10 लाख कीट पकड़ चुके हैं, जिसके बदले उन्हें लगभग 20 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. भुगतान कीटों के सिरों की गिनती के आधार पर किया जा रहा है.
एसडीओ एसके जाटव ने कहा कि भियान के दौरान संक्रमित साल के पेड़ को काटकर उसकी छाल को पीटा जाता है. इससे निकलने वाली प्राकृतिक गंध करीब 3 किलोमीटर तक मौजूद साल बोरर कीटों को अपनी ओर खींच लेती है. इस रस के संपर्क में आने के बाद कीट कुछ समय के लिए सुस्त पड़ जाते हैं. इसी दौरान सूर्योदय से पहले ग्रामीण उन्हें डिब्बों और थैलियों में इकट्ठा कर लेते हैं. धूप निकलने के बाद कीट फिर सक्रिय होकर उड़ सकते हैं, इसलिए पूरा अभियान सुबह तड़के चलाया जाता है.
वन विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान पकड़े गए सभी कीटों को जुलाई के अंत में दो डीएफओ अधिकारियों की मौजूदगी में नष्ट किया जाएगा. विभाग का कहना है कि संक्रमित पेड़ों की समय रहते कटाई और कीट नियंत्रण अभियान से संक्रमण को स्वस्थ साल के जंगलों में फैलने से रोकने की कोशिश की जा रही है. वन अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय लोगों की भागीदारी से चलाया जा रहा यह अभियान जंगलों को बड़े नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. (डेविड सूर्या की रिपेार्ट)