
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक दर्दनाक मामला सामने आया है. जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर गोगावा थाना क्षेत्र के ग्राम रेहगांव में एक किसान ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली. आत्महत्या से पहले किसान ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया और गांव के लोगों को भेजा, जिसमें उसने जमीन खरीदने के मामले में धोखाधड़ी और धमकियों का आरोप लगाया है.
मृतक किसान की पहचान रेहगांव निवासी 43 वर्षीय सालकराम मोतीराम यादव के रूप में हुई है. वीडियो में किसान ने बताया कि उसने अपने गांव के ही तीन भाइयों – राजू गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और जितेंद्र गुप्ता – से 7 एकड़ 52 डिसमिल खेती की जमीन खरीदने का सौदा 45 लाख रुपये में किया था. यह सौदा उसने अपने दोस्त सुरेश यादव के नाम से सौदा चिट्ठी लिखवाकर किया था, क्योंकि वह उस पर भरोसा करता था.
किसान के अनुसार, उसने जमीन मालिक गुप्ता बंधुओं को करीब 22 लाख रुपये से ज्यादा की राशि दी थी और सुरेश यादव को भी पूरे 45 लाख रुपये दे दिए थे. इसके बावजूद न तो जमीन उसके नाम हुई और न ही आरोपी अपने वादे पर खरे उतरे. किसान ने आरोप लगाया कि सुरेश यादव बाद में अपने पैसे लेने से ही मुकर गया.
वीडियो में यह भी बताया गया कि जमीन के मामले में उसे लगातार धमकियां दी जा रही थीं. एक श्याम नाम के व्यक्ति पर भी डराने-धमकाने का आरोप लगाया गया है. किसान का कहना था कि सुरेश यादव और उसका बेटा कमलेश यादव उसे जमीन पर जाने से रोक रहे थे और जान से मारने की धमकी दे रहे थे. इसी कारण वह और उसका परिवार डरा हुआ था.
किसान ने वीडियो में प्रशासन और पुलिस से अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की थी. इसके बाद उसने अपने ही खेत में कीटनाशक पीकर आत्महत्या कर ली.
घटना के बाद मृतक के परिजनों और यादव समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने गोगावा थाने का घेराव कर सुरेश यादव और उसके बेटे कमलेश यादव की गिरफ्तारी की मांग की और जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी.
परिस्थिति को संभालते हुए पुलिस ने सुरेश यादव और उसके बेटे कमलेश यादव को हिरासत में ले लिया. इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.