
ग्रेटर नोएडा में यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आरके सिंह ने एक किसान के भुगतान रोकने के मामले में सख्त कदम उठाया है. उन्होंने इस मामले में महाप्रबंधक (वित्त) अशोक कुमार सिंह और दो अन्य अधिकारियों को “कारण बताओ नोटिस” जारी किया. यह कार्रवाई एक जनसुनवाई के दौरान किसान की शिकायत मिलने के बाद की गई.
किसान ने बताया कि उसकी जमीन की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है, लेकिन उसे अभी तक उसका पैसा नहीं मिला. वह लगातार प्राधिकरण के कार्यालय आता-जाता रहा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया. किसान की यह शिकायत सीधे सीईओ के पास पहुंची. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही माना और तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए.
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि प्राधिकरण हमेशा सहमति के आधार पर जमीन खरीदता है. नियम यह है कि जब भी कोई किसान अपनी जमीन प्राधिकरण को बेचता है, तो उसका भुगतान 72 घंटे के अंदर कर दिया जाना चाहिए. उन्होंने अपने कर्मचारियों को कई बार याद दिलाया कि उनका व्यवहार “सिटीजन फ्रेंडली” होना चाहिए. यानी जनता के साथ अच्छा और मददगार व्यवहार करें और लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान करें.
सीईओ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को बुलाया और जवाब मांगा. लेकिन अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं था. यही कारण है कि उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसके साथ ही उन्हें अंतिम चेतावनी भी दी गई है. इसका मतलब है कि अगर भविष्य में ऐसा फिर से हुआ तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कहा कि अधिकारियों को हमेशा यह याद रखना चाहिए कि उनका काम जनता की सेवा करना है. किसान और आम लोग प्राधिकरण के पास अपने अधिकार के लिए आते हैं. ऐसे मामलों में अधिकारी जिम्मेदारी से काम करें और किसी भी किसान की मेहनत की अनदेखी न करें. उनका कहना था कि सभी अधिकारियों को अपने काम में ईमानदारी और समयबद्धता दिखानी होगी.
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसान का पैसा समय पर पहुंचे और उसे किसी भी तरह की परेशानी न हो. यमुना प्राधिकरण की यह नीति है कि किसी भी किसान को उसका हक मिलने में देर नहीं होनी चाहिए. अगर अधिकारी लापरवाह होंगे, तो उन्हें सख्त चेतावनी दी जाएगी. सीईओ ने साफ किया कि प्राधिकरण किसानों के हितों की हमेशा रक्षा करेगा.
सीईओ ने यह भी कहा कि प्राधिकरण का काम जनता की सेवा करना है. अगर कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन बेचता है, तो उसे उसका पैसा समय पर मिलना चाहिए. किसी भी तरह की लापरवाही या देरी स्वीकार्य नहीं है. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि किसानों और आम जनता के साथ सहयोगपूर्ण और मददगार व्यवहार हो.
ग्रेटर नोएडा में इस कदम से यह संदेश गया है कि प्राधिकरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी और किसानों के हक की रक्षा सर्वोपरि है. सीईओ राकेश कुमार सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य करना होगा और जनता के साथ दोस्ताना व्यवहार बनाए रखना होगा.
इस प्रकार यमुना प्राधिकरण ने किसानों के अधिकारों और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी की है. (अरुण त्यागी का इनपुट)
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