
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने पहले डैम में दरार होने का मामला सामने आया है. दरअसल, अधिकारियों ने बताया कि बरगी बांध की दाहिनी नहर में दरार आने से जिले में आस-पास के खेतों में पानी भर गया है. अधिकारियों ने बताया कि इससे कोई हताहत नहीं हुआ है. यह दरार रविवार को आई है. ये दरार उस वायरल वीडियो के चार महीने बाद आई है, जिसमें कथित तौर पर रिसाव दिखाया गया था और जिससे सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हुई थीं, जिसके बाद सरकार ने बरगी बांध को "पूरी तरह से सुरक्षित" घोषित किया था.
सगड़ा-झपनी गांव के पास तटबंध को हुए नुकसान से प्रभावित इलाके में दहशत फैल गई है क्योंकि पानी खेतों में भर गया है, और फसलों के नुकसान होने का खतरा है. अधिकारियों ने बताया कि जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दाहिनी नहर के स्लुइस गेट बंद करके पानी का बहाव रोक दिया है. इस बीच, स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने दावा किया कि नहर लंबे समय से खराब हालत में थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने इस मुद्दे पर उनकी बार-बार की शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया, जिसके कारण आखिरकार यह दरार पड़ी.
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार को दोपहर करीब 2 से 2.30 बजे के बीच हुई इस दरार से किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि लगभग दो घंटे में खेतों से पानी निकल जाएगा. इसके अलावा फसल के नुकसान का तुरंत सर्वे करने का आदेश दिया गया है. नुकसान बहुत कम है. वहीं, नहर की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. कलेक्टर ने आगे बताया कि नहर बहुत पुरानी है और बड़े मरम्मत कार्य का अनुमान लगभग दो महीने पहले मंजूरी के लिए सरकार को भेजा गया था. यह नहर राज्य के विंध्य क्षेत्र में रीवा जिले तक जाती है.
राजस्व अधिकारी, दाहिनी नहर के कार्यकारी अभियंता के साथ-साथ प्रशासनिक और तकनीकी टीमें स्थिति पर नज़र रखने के लिए मौके पर मौजूद थीं. रानी अवंती बाई सागर परियोजना, जिसे आमतौर पर बरगी परियोजना के नाम से जाना जाता है, जिला मुख्यालय से लगभग 32 किमी दूर है और मध्य प्रदेश का एक प्रमुख बांध है.
पिछले साल 7 सितंबर को, बरगी बांध से रिसाव दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं. मध्य प्रदेश सरकार ने बाद में कहा कि वायरल वीडियो के बाद विशेषज्ञों की एक टीम द्वारा निरीक्षण के बाद बांध "पूरी तरह से सुरक्षित" पाया गया. उस समय, मध्य प्रदेश जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजोरा ने बताया था कि बांध का निरीक्षण भोपाल के केंद्रीय जल आयोग और ब्यूरो ऑफ डिज़ाइन्स की एक टीम ने किया था. राजोरा ने कहा था कि टेक्निकल जांच के बाद बांध पूरी तरह से सुरक्षित पाया गया. (PTI)