Farmers Protest: सूरत में पावर ग्रिड को लेकर बवाल, किसानों और पुलिस के बीच झड़प

Farmers Protest: सूरत में पावर ग्रिड को लेकर बवाल, किसानों और पुलिस के बीच झड़प

सूरत जिले के सणवल्ला गांव में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के टावर लगाने के काम ने विवाद का रूप धारण कर लिया है. किसानों ने कहा है कि इसके लिए उन्हें उचित मुआवजा न मिले तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा.

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क‍िसान तक
  • Surat,
  • Jan 31, 2026,
  • Updated Jan 31, 2026, 5:34 PM IST

गुजरात के सूरत जिले के सणवल्ला गांव में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के टावर लगाने के काम ने विवाद का रूप धारण कर लिया है. किसानों की सहमति के बिना और पर्याप्त मुआवजा दिए बिना जबरन काम शुरू किए जाने पर शुक्रवार को किसानों और पुलिस काफिले के बीच भीषण झड़प हुई. पुलिस और किसानों के घंटों तक चली धक्का-मुक्की और झड़प से माहौल तनावपूर्ण हो गया. शुक्रवार की दोपहर को बांसदा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक अनंतभाई पटेल और किसान समाज के नेताओं की उपस्थिति में खरवाण गांव में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें तय किया गया था कि जब तक उचित मुआवजा न मिले तब तक काम नहीं करने दिया जाएगा.

किसानों और पुलिस के बीच भारी तकरार

इस निर्णय के बाद गुजरात राज्य किसान प्रमुख जयेशभाई, रमेशभाई, परिमल पटेल और कुंजन पटेल सहित बड़ी संख्या में किसान सणवल्ला गांव पहुंचे और चल रहे काम को रुकवा दिया. किसान जैसे ही विरोध करने पहुंचे, पुलिस का बड़ा काफिला तैनात कर दिया गया. काम रुकवाने गए नेताओं और पुलिस के बीच भारी तकरार हुई, फिर दो से तीन घंटे तक चली इस झड़प के बाद किसान महुवा पुलिस स्टेशन पहुंचे लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला.

कई राज्यों में भेजी जा रही है बिजली

खेडुत (किसान) समाज गुजरात और संयोजक, किसान संघर्ष समिति गुजरात के अध्यक्ष जयेश पटेल ने बताया कि सोलर और विंड पावर जनरेशन कर रहे हैं और अंबानी 55 गीगावाट का पावर जनरेशन करके नॉर्दर्न ग्रिड, सेंट्रल ग्रिड और वेस्टर्न ग्रिड में अपना पावर डाल के डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे हैं. गुजरात वैसे इलेक्ट्रिसिटी के मायने में सरप्लस है, फिर भी ये जितनी भी 84 गीगावाट जो पावर जनरेट हो रहा है, वह कच्छ से लेकर जम्मू-कश्मीर से लेकर साउथ में महाराष्ट्र, आंध्रा, तेलंगाना और ओडिशा तक यह पावर जा रहा है, तो इसके लिए गुजरात में 765 किलोवाट की टावर लाइन इंस्टॉल कर रहे हैं.

किसानों ने उठाई आर्डर रद्द करने की मांग

टावर लाइन इंस्टॉल करने में इतनी जबरदस्त पुलिस फोर्स लगा रहे हैं कि किसानों पर बहुत ज्यादा अत्याचार कर रहे हैं. कल जो हुआ वो महुआ में शेड्यूल्ड एरिया है, आदिवासी बहुल विस्तार है. उसमें कलेक्टर ने कोई भी 16(1) के तहत आर्डर करना होता है, कलेक्टर ने कोई आर्डर नहीं किया था और पुलिस फोर्स लगा के काम कर रहे थे. हम लोग वहां पहुंचे, हम लोगों ने संघर्ष किया और काम बंद करवाया. वहीं, आज हम लोग कलेक्टर ने जो आर्डर हमको सुने बिना कर दिया है, उसके अगेंस्ट में हम लोग कलेक्टर से एक दरख्वास्त लेकर आए हैं कि आप ये आर्डर रद्द करिए.  

किसानों ने कहा जाएंगे गुजरात हाईकोर्ट

जयेश पटेल ने कहा कि अगर ये आर्डर रद्द नहीं किया गया, तो हम लोग गुजरात हाईकोर्ट का अप्रोच भी करने जा रहे हैं. उसमें मुद्दा ये है कि टेलीग्राफ एक्ट जो है, वो रिपीट (निरस्त) हो चुका है. टेलीग्राफ एक्ट को रिपीट करके टेलीकम्युनिकेशन एक्ट बना है और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के मुताबिक इन्होंने लाइसेंस लिया हुआ है. लाइसेंस लेने के समय पर भी इन्होंने प्रोसीजर फॉलो नहीं किया है. 16(1) को अप्लाई करते हैं, उसमें भी प्रोसीजर फॉलो नहीं कर रहे, जो एडमिनिस्ट्रेटिव और जो पुलिस डिपार्टमेंट है गुजरात का, वो चूंकि दोनों प्राइवेट कंपनी अदानी और अंबानी है और प्राइम मिनिस्टर ऑफिस से ये सारी फॉलोअप हो रहा है.

इसकी वजह से जो प्रिवेलिंग लॉ है उसको बाईपास करके जबरदस्ती करके ये टावर बांध रहे हैं. इसमें पूरे गुजरात के 20 डिस्ट्रिक्ट में ये आंदोलन चल रहा है और इसे और भी ज्यादा इसे तीव्र होने वाला है. उन्होंने कहा कि अभी 2 तारीख को मोरबी में भी हम लोग बहुत बड़ी रैली करने जा रहे हैं. 12 तारीख को सूरत में भी हम लोग लगभग 10,000 किसानों को इकट्ठा करके रैली कर रहे हैं. (संजय सिंह जे राठौड़ की रिपोर्ट)

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