
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के मौसम में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बने रहने की बात कही है. IMD ने चेतावनी दी है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 16, 17 और 18 फरवरी के दौरान छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही 17 और 18 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, आज किसान तक का किसान कारवां अपने 24वें पड़ाव में राजधानी लखनऊ पहुंचेगी, जहां किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी.
16 फरवरी 2026, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 17 फरवरी को राजस्थान प्रवास पर रहेंगे, इस दौरान वे जयपुर में, देशभर के किसानों के लिए नया डिजिटल साथी “भारत‑VISTAAR” लांच करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय कृषि और किसानों को स्मार्ट बनाने के लिए यह एआई आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को फोन कॉल, चैटबॉट और आगे चलकर ऐप के ज़रिए मौसम, मंडी भाव, कीट‑रोग, मिट्टी, फसल सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर देगा. फेज‑1 में यह सुविधा हिंदी व अंग्रेज़ी में शुरू होगी और महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात सहित कई राज्यों के लाखों किसानों तक पहुंचेगी. लांच कार्यक्रम में राज्यों के कृषि मंत्री और ICAR, KVKs, कृषि विश्वविद्यालयों और अन्य कृषि संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से देशभर के लाखों किसान वर्चुअली जुड़ेंगे.
उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 17 और 18 तारीख को पहाड़ी राज्यों और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है. इस बदलाव का असर हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में देखने को मिलेगा.
75 साल पूरे होने पर संस्थान के निदेशक डॉ दिनेश सिंह ने कहा- किसानों को जल्द मिलेगी गन्ना की नई वैरायटी
राजधानी लखनऊ के तेलीबाग में स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (ICAR-ISRI) का 75वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ एवं पूर्व सदस्य, कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड, नई दिल्ली डॉ. कृष्ण कुमार सिंह शामिल हुए. डॉ. कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि संस्थान के वैज्ञानिकों की मेहनत से किसानों की आय में 20% तक वृद्धि संभव हुई है और बदलते समय के अनुसार नई गन्ना किस्मों और वैल्यू एडेड उत्पादों पर जोर देना होगा.
स्थापना दिवस पर भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि किसानों को जल्द मिलेगी गन्ना की नई वैरायटी मिलेगी. वैज्ञानिकों का शोध पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार से गजट जारी होने के बाद इसका बीज किसानों के लिए बाजार में उपलब्ध होगा. गन्ना की इस नई वैरायटी की कई खासियत के बारे में भी संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश सिंह ने बताया.
इस अवसर पर शाहजहांपुर, गोंडा और लखीमपुर के तीन प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया. साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिकों को भी पुरस्कृत किया गया. समारोह में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, पूर्व कार्मिक और बड़ी किसान मौजूद रहे.
रिपोर्ट-नवीन लाल सूरी, लखनऊ
कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-US अंतरिम ट्रेड डील पर सहमति जताकर US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के सामने "सरेंडर" कर दिया है, जिसके बारे में उसने दावा किया कि इससे राज्यों के करोड़ों किसानों की रोजी-रोटी "खत्म" हो जाएगी.
केंद्र पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ट्रेड एग्रीमेंट "किसी देश की सॉवरेनिटी की कुर्बानी" देकर गुलामी का रास्ता नहीं बनने चाहिए.
सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ट्रेड एग्रीमेंट आर्थिक तरक्की का रास्ता हैं. ट्रेड एग्रीमेंट की बुनियाद ही बराबर शर्तों पर आपसी पब्लिक इंटरेस्ट है. ट्रेड एग्रीमेंट किसी देश की सॉवरेनिटी की कुर्बानी देकर गुलामी का रास्ता नहीं बनने चाहिए. ट्रेड एग्रीमेंट की आड़ में देश और पब्लिक इंटरेस्ट की कुर्बानी नहीं दी जा सकती."
आज कृषि विकास दर 8 से बढ़कर 18 प्रतिशत किया है हमने
कुल कृषि भूभाग केवल 11% है लेकिन यूपी 21% खाद्यान्न उत्पन्न कर रहे है
PM किसान निधि से 95000 करोड़ की राशि डीबीटी से ट्रांसफर हुई है
2017 के पहले की सरकार किसानों को आत्महत्या करने पर मजबूर करती थी
2017 के पहले सरकारों के पास न नीति थी,ना ही नियत थी
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बड़ा घोटाला सामने आया है. सालासर की एसबीआई शाखा और बीमा कंपनी के कुछ अधिकारियों पर फर्जी बीमा पॉलिसी बनाने का आरोप लगा है. ऐसी जमीन का बीमा किया गया जो राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थी. 71 किसानों के नाम पर बिना जानकारी के बीमा दिखाकर लाखों रुपये प्रीमियम जमा किया गया और करीब 9 करोड़ रुपये का क्लेम तैयार किया गया. कृषि मंत्री के खुलासे के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 15 फरवरी 2026 को गुजरात के पालनपुर में बनास डेयरी का दौरा किया. इस दौरान उत्तर प्रदेश के पाँच कृषि और पशुपालन विश्वविद्यालयों और बनास डेयरी के बीच डेयरी, कृषि, पशुपालन, प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्र में समझौता (एमओयू) हुआ. राज्यपाल ने डेयरी के विभिन्न प्लांट, फूड पार्क, बायो-सीएनजी प्लांट और एंब्रियो ट्रांसप्लांट लैब का निरीक्षण किया. उन्होंने महिला कर्मचारियों से बातचीत कर उनके काम और सशक्तिकरण की जानकारी ली. इस दौरे का उद्देश्य सहकारी मॉडल के जरिए किसानों और पशुपालकों को मजबूत बनाना है.
बुलंदशहर में शुगर मिल के 50 वर्षीय कर्मचारी शरीफ ने पारिवारिक परेशानी और मिल प्रबंधन के दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली. सुसाइड नोट में उन्होंने घर की तंगी का जिक्र किया. परिजनों ने मिल गेट पर प्रदर्शन किया. बाद में मिल प्रबंधन ने आर्थिक मदद और नौकरी देने का आश्वासन दिया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
रायसेन जिले में देर रात एक अजीब घटना हुई. नीमच से जबलपुर की ओर मुर्गी दाना लेकर जा रहा एक ट्रक भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे 45 पर बाड़ी के पास नागिन मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई और ड्राइवर सुरक्षित रहा. लेकिन ट्रक पलटते ही वहां लोगों की भीड़ लग गई. मदद करने के बजाय कई लोग मुर्गी दाने की बोरियां उठाकर ले जाने लगे. कुछ लोग तो अपनी बाइक पर दो-दो बोरियां रखकर ले गए. बताया जा रहा है कि बाड़ी के कुछ सरकारी कर्मचारी और छोटे नेता भी बोरियां ले जाते दिखाई दिए. ड्राइवर ने लोगों को रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं मानी. हैरानी की बात यह रही कि घटना की जानकारी मिलने के बाद भी सुल्तानपुर या बाड़ी पुलिस मौके पर समय पर नहीं पहुंची. इस पूरी घटना के वीडियो लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए.
भिवाड़ी (राजस्थान) के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित G1/118B में संचालित केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग
7 कर्मचारियों की जिंदा जलने से मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 7 शव बरामद, मौतों की संख्या पहुंची 7
सोमवार सुबह भड़की आग, अज्ञात कारणों से लगी आग, केमिकल्स की मौजूदगी के कारण तेजी से फैली
फैक्ट्री में 20-25 मजदूर कर रहे थे काम
कुछ मजदूर सुरक्षित बाहर निकले, कई अंदर फंसे
डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू
कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं,प्रशासन मौके पर मौजूद
तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, भिवाड़ी एसपी और ADM ने संभाला मोर्चा,जांच शुरू, कंपनी का आधिकारिक बयान अभी तक नहीं, इलाके में हड़कंप, परिजनों में शोक और आक्रोश
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव डॉ. एम. एल जाट ने ‘किसान तक’ से विशेष बातचीत में कहा कि अब देश को क्लाइमेट रेजिलेंट फार्मिंग सिस्टम पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पहली बार, और शायद एशिया में भी पहली बार, किसानों को कार्बन क्रेडिट फसलों के माध्यम से सीधा लाभ मिलने जा रहा है.
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गाजियाबाद (यूपी) के लोंई इलाके के मीरपुर हिंदू गांव में रविवार को कूड़ेदान स्थल के विरोध में प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया. किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के घायल होने की खबर है. प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय लोगों द्वारा डंपिंग ग्राउंड के मुख्य गेट तोड़कर धरना देने से हुई. बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया, और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ. किसानों का आरोप है कि पुलिस ने लाठी-चार्ज किया, जिससे लगभग 50-60 लोग घायल हुए. वहीं लोंई के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने बल का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि पुलिस ने घायल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें या नाम सार्वजनिक नहीं किए. एसीपी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
देशभर के किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के खिलाफ गाँवों में विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने काली पट्टियां बांधकर सरकार के वक्तव्य की प्रतियां जलाईं और समझौते के नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की. किसान नेताओं ने इसे एकतरफा समझौता बताया और इसे रद्द कराने की मांग की. इसी बीच कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा महाराष्ट्र में पहुंची, जो 16 फरवरी को पुणे और 17 फरवरी को मध्य प्रदेश में होगी.
कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी कुमारी शैलजा ने रविवार को दावा किया कि BJP सरकार की बेकार पॉलिसी की वजह से हरियाणा के किसान कर्ज़ में डूब रहे हैं.
उन्होंने कहा, "खेती लंबे समय से हरियाणा की खुशहाली की रीढ़ रही है, लेकिन BJP सरकार की पॉलिसी की वजह से राज्य के किसान तेज़ी से कर्ज़ के जाल में फंसते जा रहे हैं."
सिरसा से कांग्रेस MP ने कहा कि ऑफिशियल डेटा कन्फर्म करते हैं कि "हरियाणा में हर किसान परिवार पर एवरेज कर्ज़ 1.83 लाख रुपये से ज़्यादा हो गया है."
आप जिस पशु को खरीदकर लाए हैं अगर वो बीमार है तो आपको दोहरा नुकसान दे सकता है. एक तो बाड़े में पहले से मौजूद पशुओं को बीमार कर देगा और खुद भी उत्पादन नहीं देगा. जिसके चलते पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है. यही वजह है एनिमल एक्सपर्ट नया पशु खरीदने से पहले उसके तीन तरह के टेस्ट कराए जाने पर जोर देते हैं. क्योंकि बीमार पशु उत्पादन नहीं देते हैं और उनकी ग्रोथ भी रुक जाती है. अगर नया पशु खरीदने से पहले ये तीन टेस्ट कराए जाते हैं तो पशुओं की बीमारी और उत्पादन घटने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है. इतना ही नहीं बीमारियों के इलाज पर होने वाले खर्च को रोकर दूध की लागत को बढ़ने से भी बचाया जा सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो पशु उत्पादन की लागत को चारे का बढ़ता खर्च या फिर पशु को होने वाली बीमारियों के खर्च घटाते और बढ़ाते हैं. इसलिए जरूरी है कि पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए उनके टेस्ट कराए जाएं, खासतौर पर तब जब नया पशु खरीदकर घर ला रहे हों.
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कपास किसानों के लिए खुशखबरी है. अब तुड़ाई का काम पुराने तरीकों से हाथों से नहीं करना पड़ेगा. केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई) ने एक नई कॉटन पिकर मशीन बनाई है, जो कपास की फसल को तेजी से और आसानी से एकत्र करती है. इस मशीन का सजीव प्रदर्शन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद कपास के खेत में जाकर किया. मंत्री ने मशीन चलाकर देखा कि यह कितनी आसानी से और जल्दी काम करती है.
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भालेसा, चिल्ली और गंडोह-जय क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया. रात भर हुई बर्फबारी के कारण पहाड़, सड़कें, पेड़-पौधे और घरों की छतें बर्फ से लद गईं. सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो चारों ओर सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आई. ठंडी हवाओं के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है.
नई दिल्ली. IFFCO के नैनो उर्वरकों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. बैठक के दौरान किरीटकुमार जे. पटेल ने खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित उर्वरकों की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया. ओमान के प्रतिनिधि एच.ई. मुलहम अल जर्फ ने नैनो उर्वरकों में गहरी रुचि दिखाई और OMIFCO के माध्यम से ओमान में इनके प्रचार-प्रसार की इच्छा व्यक्त की. दोनों पक्षों ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर सहमति जताई. इस पहल के साथ IFFCO के नैनो उर्वरक अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने बीज व्यवसाइयों से अनुरोध किया है कि अप्रैल से साथी पोर्टल पर संपूर्ण जानकारी अपडेट करें. बीज के उत्पादन से लेकर किसान तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया साथी पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ट्रैक की जाएगी. यह प्रक्रिया बीज की मिलावट रोकने, नकली बीजों पर अंकुश लगाने और किसानों को सही गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला शक्ति नई ऊर्जा बनकर उभरी है. छह जिलों की महिलाओं ने संगठित डेयरी मॉडल के जरिए न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है. प्रदेश के अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर के करीब 1500 गांवों की एक लाख महिला सदस्यों ने सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से अब तक लगभग 850 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. इस नेटवर्क से जुड़ी महिलाएं प्रतिदिन करीब पौने चार लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रही हैं, जिससे ग्रामीण डेयरी सेक्टर में स्थायी आय का मॉडल विकसित हुआ है. जो महिलाएं कभी सिर्फ घरेलू कामकाज तक सीमित रहती थीं, वे अब अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक उठा रही हैं.
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उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में ठंड का असर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने फिर से नया अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग के अनुसार 16 फरवरी से 18 फरवरी के बीच उत्तर भारत के सात राज्यों में बारिश की संभावना है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है. इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. साथ ही 34 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है.