भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के मौसम में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बने रहने की बात कही है. IMD ने चेतावनी दी है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 16, 17 और 18 फरवरी के दौरान छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही 17 और 18 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, आज किसान तक का किसान कारवां अपने 24वें पड़ाव में राजधानी लखनऊ पहुंचेगी, जहां किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी.
भिवाड़ी (राजस्थान) के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया स्थित G1/118B में संचालित केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग
7 कर्मचारियों की जिंदा जलने से मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 7 शव बरामद, मौतों की संख्या पहुंची 7
सोमवार सुबह भड़की आग, अज्ञात कारणों से लगी आग, केमिकल्स की मौजूदगी के कारण तेजी से फैली
फैक्ट्री में 20-25 मजदूर कर रहे थे काम
कुछ मजदूर सुरक्षित बाहर निकले, कई अंदर फंसे
डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू
कई दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं,प्रशासन मौके पर मौजूद
तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह, भिवाड़ी एसपी और ADM ने संभाला मोर्चा,जांच शुरू, कंपनी का आधिकारिक बयान अभी तक नहीं, इलाके में हड़कंप, परिजनों में शोक और आक्रोश
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान शिक्षा विभाग (DARE) के सचिव डॉ. एम. एल जाट ने ‘किसान तक’ से विशेष बातचीत में कहा कि अब देश को क्लाइमेट रेजिलेंट फार्मिंग सिस्टम पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में पहली बार, और शायद एशिया में भी पहली बार, किसानों को कार्बन क्रेडिट फसलों के माध्यम से सीधा लाभ मिलने जा रहा है.
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गाजियाबाद (यूपी) के लोंई इलाके के मीरपुर हिंदू गांव में रविवार को कूड़ेदान स्थल के विरोध में प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया. किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों के घायल होने की खबर है. प्रदर्शन की शुरुआत स्थानीय लोगों द्वारा डंपिंग ग्राउंड के मुख्य गेट तोड़कर धरना देने से हुई. बाद में प्रदर्शन हिंसक हो गया, और सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हुआ. किसानों का आरोप है कि पुलिस ने लाठी-चार्ज किया, जिससे लगभग 50-60 लोग घायल हुए. वहीं लोंई के एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि पुलिस ने बल का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके, जिससे दो पुलिसकर्मी घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि पुलिस ने घायल पुलिसकर्मियों की तस्वीरें या नाम सार्वजनिक नहीं किए. एसीपी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
देशभर के किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के खिलाफ गाँवों में विरोध प्रदर्शन किया. किसानों ने काली पट्टियां बांधकर सरकार के वक्तव्य की प्रतियां जलाईं और समझौते के नकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की. किसान नेताओं ने इसे एकतरफा समझौता बताया और इसे रद्द कराने की मांग की. इसी बीच कन्याकुमारी से कश्मीर तक किसान जागृति यात्रा महाराष्ट्र में पहुंची, जो 16 फरवरी को पुणे और 17 फरवरी को मध्य प्रदेश में होगी.
कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी कुमारी शैलजा ने रविवार को दावा किया कि BJP सरकार की बेकार पॉलिसी की वजह से हरियाणा के किसान कर्ज़ में डूब रहे हैं.
उन्होंने कहा, "खेती लंबे समय से हरियाणा की खुशहाली की रीढ़ रही है, लेकिन BJP सरकार की पॉलिसी की वजह से राज्य के किसान तेज़ी से कर्ज़ के जाल में फंसते जा रहे हैं."
सिरसा से कांग्रेस MP ने कहा कि ऑफिशियल डेटा कन्फर्म करते हैं कि "हरियाणा में हर किसान परिवार पर एवरेज कर्ज़ 1.83 लाख रुपये से ज़्यादा हो गया है."
आप जिस पशु को खरीदकर लाए हैं अगर वो बीमार है तो आपको दोहरा नुकसान दे सकता है. एक तो बाड़े में पहले से मौजूद पशुओं को बीमार कर देगा और खुद भी उत्पादन नहीं देगा. जिसके चलते पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है. यही वजह है एनिमल एक्सपर्ट नया पशु खरीदने से पहले उसके तीन तरह के टेस्ट कराए जाने पर जोर देते हैं. क्योंकि बीमार पशु उत्पादन नहीं देते हैं और उनकी ग्रोथ भी रुक जाती है. अगर नया पशु खरीदने से पहले ये तीन टेस्ट कराए जाते हैं तो पशुओं की बीमारी और उत्पादन घटने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है. इतना ही नहीं बीमारियों के इलाज पर होने वाले खर्च को रोकर दूध की लागत को बढ़ने से भी बचाया जा सकता है. एक्सपर्ट की मानें तो पशु उत्पादन की लागत को चारे का बढ़ता खर्च या फिर पशु को होने वाली बीमारियों के खर्च घटाते और बढ़ाते हैं. इसलिए जरूरी है कि पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए उनके टेस्ट कराए जाएं, खासतौर पर तब जब नया पशु खरीदकर घर ला रहे हों.
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कपास किसानों के लिए खुशखबरी है. अब तुड़ाई का काम पुराने तरीकों से हाथों से नहीं करना पड़ेगा. केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई) ने एक नई कॉटन पिकर मशीन बनाई है, जो कपास की फसल को तेजी से और आसानी से एकत्र करती है. इस मशीन का सजीव प्रदर्शन केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद कपास के खेत में जाकर किया. मंत्री ने मशीन चलाकर देखा कि यह कितनी आसानी से और जल्दी काम करती है.
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भालेसा, चिल्ली और गंडोह-जय क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया. रात भर हुई बर्फबारी के कारण पहाड़, सड़कें, पेड़-पौधे और घरों की छतें बर्फ से लद गईं. सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो चारों ओर सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आई. ठंडी हवाओं के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है.
नई दिल्ली. IFFCO के नैनो उर्वरकों को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है. बैठक के दौरान किरीटकुमार जे. पटेल ने खाद्य सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के लिए नैनो-टेक्नोलॉजी आधारित उर्वरकों की बढ़ती आवश्यकता पर जोर दिया. ओमान के प्रतिनिधि एच.ई. मुलहम अल जर्फ ने नैनो उर्वरकों में गहरी रुचि दिखाई और OMIFCO के माध्यम से ओमान में इनके प्रचार-प्रसार की इच्छा व्यक्त की. दोनों पक्षों ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त रणनीति तैयार करने पर सहमति जताई. इस पहल के साथ IFFCO के नैनो उर्वरक अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. इसी क्रम में प्रदेश सरकार ने बीज व्यवसाइयों से अनुरोध किया है कि अप्रैल से साथी पोर्टल पर संपूर्ण जानकारी अपडेट करें. बीज के उत्पादन से लेकर किसान तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया साथी पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ट्रैक की जाएगी. यह प्रक्रिया बीज की मिलावट रोकने, नकली बीजों पर अंकुश लगाने और किसानों को सही गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी.
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिला शक्ति नई ऊर्जा बनकर उभरी है. छह जिलों की महिलाओं ने संगठित डेयरी मॉडल के जरिए न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि गांवों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है. प्रदेश के अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर के करीब 1500 गांवों की एक लाख महिला सदस्यों ने सामर्थ्य मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से अब तक लगभग 850 करोड़ रुपये का कारोबार किया है. इस नेटवर्क से जुड़ी महिलाएं प्रतिदिन करीब पौने चार लाख लीटर दूध का संग्रहण कर रही हैं, जिससे ग्रामीण डेयरी सेक्टर में स्थायी आय का मॉडल विकसित हुआ है. जो महिलाएं कभी सिर्फ घरेलू कामकाज तक सीमित रहती थीं, वे अब अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी भी सफलतापूर्वक उठा रही हैं.
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उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में ठंड का असर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने फिर से नया अलर्ट जारी कर दिया है. विभाग के अनुसार 16 फरवरी से 18 फरवरी के बीच उत्तर भारत के सात राज्यों में बारिश की संभावना है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है. इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है. साथ ही 34 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की गई है.