
देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है जहां उत्तर-पश्चिम भारत में गरज-चमक, तेज हवाओं और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है. 11 से 15 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर ओले गिरने और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर राजस्थान, गुजरात और पश्चिम मध्य प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक कुछ इलाकों में लू चलने की स्थिति बनी रहेगी. इसके अलावा दक्षिण भारत में मौसम और अधिक सक्रिय होने जा रहा है जहां 14 से 17 मई के बीच केरल और माहे में तथा 15 और 16 मई को तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
Delhi Weather Update: राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली. उत्तम नगर समेत कई इलाकों में ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास भी तेज बारिश दर्ज की गई. वहीं, नोएडा में धूल भरी आंधी के साथ बूंदाबांदी और हल्की बारिश देखने को मिली, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली.
अमूल के ज्यादातर पैक पर दूध के दाम 2 रू प्रति लीटर बढ़ेंगे, कल से नए दाम होंगे लागू
कल से महंगा हो जाएगा 'अमूल' दूध
देशभर में अमूल दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी
14 मई 2026 से लागू होंगी नई दरें
पशु आहार और पैकेजिंग की बढ़ती लागत बनी वजह (इनपुट- बृजेश दोषी)
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ हुई एक बैठक में, पंजाब में धान-केंद्रित खेती के विकल्पों को बढ़ावा देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. चौहान ने कहा, "आज की बैठक बहुत ही सकारात्मक, रचनात्मक और समाधान-उन्मुख रही, जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई और फसलों में विविधता लाना सबसे अहम विषय बनकर उभरा." पंजाब की ज़मीन इतनी उपजाऊ और उत्पादक है कि धान के सफल विकल्प के तौर पर कई दूसरी फसलों की भी सफलतापूर्वक खेती की जा सकती है. (पीटीआई)
नई दिल्ली: बुधवार को वायदा कारोबार में बिनौला खली की कीमतें 34 रुपये बढ़कर 3,530 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. इसकी मुख्य वजह यह रही कि बढ़ती मांग के बीच सट्टेबाजों ने नई खरीददारी की. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) पर, जून डिलीवरी के लिए बिनौला खली का भाव 34 रुपये, या 0.96 प्रतिशत बढ़कर 3,530 रुपये प्रति क्विंटल हो गया. इस दौरान ओपन इंटरेस्ट 47,100 लॉट रहा. बाजार जानकारों ने बताया कि पशु आहार (कैटल फीड) की बढ़ती मांग के चलते बाजार प्रतिभागियों द्वारा अपनी पोजीशन बढ़ाने से बिनौला खली की कीमतों पर मुख्य रूप से असर पड़ा. (PTI)
नई दिल्ली: बुधवार को वायदा कारोबार में निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी के चलते ग्वार बीज की कीमतें 50 रुपये बढ़कर 5,770 रुपये प्रति क्विंटल हो गईं. नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज पर, जून डिलीवरी के लिए ग्वार बीज के कॉन्ट्रैक्ट 50 रुपये, या 0.87 प्रतिशत बढ़कर 5,770 रुपये प्रति क्विंटल हो गए, जिसमें 62,690 लॉट का ओपन इंटरेस्ट था. बाजार के जानकारों ने बताया कि हाजिर कीमतों में गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ज़्यादा दांवबाज़ी ने वायदा कारोबार में ग्वार बीज की कीमतों को सहारा दिया. (PTI)
तिरुवनंतपुरम: अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि गर्मियों की भारी बारिश और तेज़ हवाओं ने केरल के कई हिस्सों, खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जमकर कहर बरपाया है. इससे घरों, सड़कों और बिजली के बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. पेड़ों के उखड़ जाने और बिजली की लाइनें टूट जाने से कई जिलों में रोजमर्रा की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई; बिजली गुल हो गई और यातायात पूरी तरह से ठप पड़ गया. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में समुद्र के कटाव और बिजली गिरने की घटनाओं ने भी इस तबाही को और बढ़ा दिया. (पीटीआई)
हरियाणा सरकार राज्य में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठा रही है. कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि जैविक खेती अपनाने वाले किसानों को अगले पांच वर्षों तक प्रति एकड़ हर साल 10,000 रुपये का अनुदान दिया जाएगा. किसानों को एपीडा से प्रमाणन करवाना जरूरी होगा. सरकार 800 एकड़ सरकारी जमीन जैविक खेती के लिए पट्टे पर देगी. साथ ही मंडियों में जैविक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष स्थान और आधुनिक लैब की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पहल से किसानों की आय बढ़ाने, मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और लोगों को स्वस्थ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में धान खरीदी-बिक्री के पैसों के विवाद को लेकर एक युवक का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया गया. आरोपियों ने युवक को उसके घर से जबरन उठाकर झारखंड ले गए. पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. पुलिस टीम ने झारखंड पहुंचकर युवक रविनारायण बंजारा को सकुशल बरामद कर लिया और आरोपी पवन साहू, नरेंद्र साहू व विष्णु साहू को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो स्कॉर्पियो वाहन भी जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में व्यापारिक लेन-देन का विवाद सामने आया है.
केंद्र सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, कपास, सोयाबीन और तिल समेत कई फसलों के नए MSP तय किए गए. सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम देना और खरीफ सीजन की बुवाई को बढ़ावा देना है.
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सरकार ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर खरीफ सीजन 2026-27 के लिए फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी दे दी है. कैबिनेट के इस फैसले के तहत किसानों को करीब 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है. वहीं, सालाना 824.41 लाख मीट्रिक टन फसलों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है. सरकार ने यह भी कहा कि MSP किसानों की लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक तय किया गया है, जिसका फैसला 2019 में लिया गया था.
देश में अगले 200 साल तक का कोयाला मौजूद. कैबिनेट बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान
कैबिनेट बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सभी खरीफ फसलों की MSP पर खरीद की जाएगी. इसके लिए सरकार ने 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जबकि कुल 824 लाख मीट्रिक टन फसलों की खरीद का लक्ष्य रखा गया है.
केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में खरीफ फसलों के MSP को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए कई अहम घोषणाएं करने जा रही हैं, देखें लाइव.
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और उनके माता-पिता के बीच भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. इसी कड़ी में राजकोट में गुजरात NSUI ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने किसानपरा चौक पर NTA की अर्थी निकाली और चक्काजाम कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने नरेंद्र सोलंकी समेत कई कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया और यातायात बहाल कराया. नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना सरकार की बड़ी विफलता है और शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए.
MSP Hike: देशभर के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आने वाली है. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्ष्ता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) 2026-27 के लिए तूर (अरहर), धान, मक्का सहित 14 फसलों के बढ़े हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मुहर लगने की संभावना है. यह फैसला होने के बाद किसानों को सरकारी खरीद में MSP का लाभ सुनिश्चित होगा. इससे पहले पिछले साल खरीफ मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने 28 मई 2025 को विभिन्न फसलों के एमएसपी में बदलाव किया था.
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वैश्विक स्तर पर गेहूं उत्पादन को लेकर चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं. अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस साल दुनिया के अधिकांश प्रमुख गेहूं उत्पादक देशों में उत्पादन में गिरावट दर्ज की जा सकती है. हालांकि यह फिलहाल अनुमान है, लेकिन कई एजेंसियों ने इस आशंका को मजबूत माना है.
USDA के मुताबिक, वैश्विक गेहूं उत्पादन में करीब 25 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी, 250 लाख टन) की कमी आ सकती है. इसमें सबसे अधिक गिरावट अमेरिका में होने की संभावना है, जहां उत्पादन 12 एमएमटी तक घट सकता है. इसके अलावा चीन में करीब 1 एमएमटी और भारत में लगभग 3 एमएमटी की कमी का अनुमान लगाया गया है.
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सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार जल्द ही खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकती है. माना जा रहा है कि इस फैसले से धान, दाल और तिलहन उगाने वाले किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा और उन्हें फसलों का बेहतर दाम मिल सकेगा.
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कासा इलाके के घोल टोल नाके के पास आमों से भरा एक टेम्पो पलट गया, जिससे सड़क पर आमों की पेटियां बिखर गईं. हादसा गुजरात से मुंबई जा रहे टेम्पो का नियंत्रण बिगड़ने के कारण हुआ. चालक को मामूली चोटें आईं. घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ आम बटोरने के लिए उमड़ पड़ी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हादसे के कारण कुछ समय तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित कर यातायात को फिर से सुचारु कराया.
नूंह मेवात क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली. तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई. फिरोजपुर झिरका, नगीना, पुनहाना समेत कई इलाकों में 10 से 15 मिनट तक ओले गिरे. मौसम सुहावना होने से लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन किसानों में सब्जी फसलों को लेकर चिंता बनी हुई है. हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है. मौसम विशेषज्ञों ने पश्चिमी विक्षोभ को इस बदलाव का कारण बताया है.
जमुई जिले में मंगलवार शाम तेज बारिश और वज्रपात ने बड़ा हादसा कर दिया. अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. खैरा और सदर थाना क्षेत्र में दो किसानों की बहियार में मवेशी चराने के दौरान मौत हुई. वहीं सोनो थाना क्षेत्र में बगीचे में मौजूद 8 वर्षीय बच्ची राबो खातून की जान चली गई और उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं. घायल लोगों का इलाज सदर अस्पताल जमुई में चल रहा है, जबकि एक घायल को पटना रेफर किया गया है.
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है. मंगलवार को अकोला राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अमरावती में पारा 45.4 डिग्री तक पहुंच गया. IMD ने 16 मई तक अकोला, अमरावती समेत पूरे विदर्भ में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. तेज गर्मी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ रहे हैं. प्रशासन ने लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बीते दिन मॉनसून पर ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं और इस हफ्ते के अंत तक यह दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दस्तक दे सकता है. इसी के साथ विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए अलग-अलग मौसम चेतावनियां जारी की हैं. पश्चिम राजस्थान में अगले 6-7 दिनों तक भीषण लू और कहीं-कहीं गंभीर लू की स्थिति बनी रहने का अलर्ट है. वहीं पूर्वी राजस्थान, मध्य भारत, गुजरात और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी अगले 4-5 दिनों तक हीटवेव की स्थिति रहने की संभावना जताई गई है. दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
मई का आधा महीना गुजर चुका है, लेकिन देश के अधिकतर हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है. तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. ऐसे में हर किसी को बारिश का इंतजार है. इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत देने वाली भविष्यवाणी की है. विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान देखने को मिल सकते हैं. हालांकि कुछ क्षेत्रों में लू का असर अभी भी बना रह सकता है.
आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है. वहीं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रही मौसमी हलचलें मानसून के आगे बढ़ने के संकेत दे रही हैं. दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास का मौसम दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए तेजी से अनुकूल होता नजर आ रहा है.