
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से बाढ़ के हालात पैदा हो गए हैं. गोमती की बाढ़ से फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में 4 से 5 फीट तक पानी भर चुका है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बख्शी का तालाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया. ससे पहले उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है.पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी 5-6 दिन बाद नीचे पहुंचने से गोमती का जलस्तर बढ़ा.
इससे बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके में बाढ़ जैसे हालात बने. उन्होंने कहा कि वह लगातार स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे और जमीनी स्थिति देखने पहुंचे हैं.
पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर की व्यवस्था
मुख्यमंत्री योगी ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए. शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन की व्यवस्था होगी. वहीं, छोटे बच्चों को दूध और गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार दिया जाएगा. पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जाएगा.
जनहानि पर तत्काल ₹4 लाख का मुआवजा
योगी ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी. बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना से घर मिलेगा. उन्होंने कहा, पशुहानि की भी भरपाई होगी. राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का समय से सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा.
स्वास्थ्य केंद्रों पर रहेगा एंटी स्नेक वेनम
सीएम योगी ने बाढ़ के दौरान सांप-बिच्छू और अन्य जीवों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं. कुत्ते या अन्य जानवर के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन भी उपलब्ध रहेगा. प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे. राहत शिविरों में बिजली न होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था होगी. घर छोड़कर शिविरों में आने वाले परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिस के जवान रात में पेट्रोलिंग करेंगे.
राजनाथ ने फोन कर ली बाढ़ की जानकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही. मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर काम आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है.
राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं और प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है. बता दें कि गोमती रिवर फ्रंट के किनारे स्थित प्रसिद्ध हनुमंत धाम, लेटे हनुमान मंदिर और बख्शी का तालाब स्थित ऐतिहासिक चंद्रिका देवी मंदिर परिसर तक पानी पहुंच चुका है.
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