
इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 1 महीने से चल रहे युद्ध से पश्चिम एशिया में अशांति बनी हुई है. वहीं, समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित होने से दुनियाभर में सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है. एक ओर जहां क्रूड ऑयल, नैचुरल गैस, खाद और इसके कच्चे माल की सप्लाई पर असर पड़ रहा है तो वहीं भारत के कृषि निर्यात पर भी व्यापक रूप से बुरा असर पड़ा है. हालांकि, समुद्री मार्गों पर बढ़े जोखिम के बीच भारत के लिए खाने के तेल की सप्लाई पूरी तरह नहीं रुकी है, लेकिन आयात पर असर साफ दिखने लगा है. शिपिंग लागत बढ़ने, रूट डायवर्जन और ऊंची कीमतों के चलते मार्च में खाद्य तेल आयात में गिरावट आई है और खरीदार नई खरीद टालकर पुराने स्टॉक पर निर्भर हो रहे हैं. इसका असर घरेलू बाजार में भी दिख रहा है, जहां आयातित तेल की सीमित उपलब्धता के बीच सोयाबीन की मांग बढ़ने से किसानों को एमएसपी से ऊपर दाम मिलने लगे हैं और बाजार में हल्की मजबूती बनी हुई है.
मार्च के पहले हफ्ते (1-8 मार्च) में सोयाबीन बाजार ने मजबूत शुरुआत की. औसत भाव 5525 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहा. कई राज्यों में साप्ताहिक आधार पर 2 से 8 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई. इसमें छत्तीसगढ़ में करीब 8.5 प्रतिशत की बढ़त और तेलंगाना में 3.9 प्रतिशत उछाल ने संकेत दिया कि बाजार में शुरुआती दौर में मजबूत खरीदारी बनी हुई थी.
वहीं, दूसरे हफ्ते यानी 9-15 मार्च के दौरान बाजार की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ती दिखी. औसत भाव हल्का बढ़कर 5568 रुपये तक पहुंचा, लेकिन राज्यवार भाव की स्थिति मिली जुली रही. गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में 4 से 5 प्रतिशत तक की तेजी रही, जबकि छत्तीसगढ़ और यूपी में गिरावट दर्ज हुई.
16-23 मार्च के दौरान औसत भाव थोड़ा फिसलकर 5558 रुपये पर आ गया. कई प्रमुख राज्यों में गिरावट दर्ज हुई, जैसे राजस्थान में करीब -1.9 प्रतिशत और गुजरात में -1.8 प्रतिशत की गिरावट रही. हालांकि, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में हल्की बढ़त बनी रही.
24 मार्च से बाजार में फिर हल्की रिकवरी देखने को मिली. औसत भाव बढ़कर 5623 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया. गुजरात में (+3.0%), मध्य प्रदेश में (+2.0%) और तमिलनाडु (+1.2%) में बढ़त दर्ज हुई, जबकि राजस्थान (-0.9%) और तेलंगाना (-1.1%) में मामूली गिरावट रही.
अगर पूरे मार्च का औसत देखें तो कीमत 5481 रुपये प्रति क्विंटल रही, जो फरवरी के मुकाबले करीब 3.2 प्रतिशत ज्यादा है. वहीं पिछले साल के मुकाबले लगभग 17-18 प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज हुई. हालांकि महीने के भीतर उतार-चढ़ाव जरूर रहा, लेकिन कुल मिलाकर बाजार नियंत्रित दायरे में रहा और बड़ी गिरावट से बचा रहा.
26 मार्च 2026 को सोयाबीन का औसत भाव 5361.52 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो MSP 5328 रुपये से करीब 0.62 प्रतिशत ऊपर रहा. इसी तारीख के मासिक आधार पर देखा जाए तो फरवरी के औसत 5310.64 रुपये के मुकाबले यह करीब 0.96 प्रतिशत की बढ़त बनी रही, जबकि सालाना आधार पर मार्च 2025 के 4657.55 रुपये से तुलना करें तो कीमत करीब 15.1 प्रतिशत ऊपर है.