
देशभर की कृषि मंडियों में अगस्त 2026 के दौरान प्याज के थोक दामों में बड़ी तेजी दर्ज की गई है. राज्यवार आंकड़ों के अनुसार अधिकांश राज्यों में जुलाई के मुकाबले अगस्त में कीमतें बढ़ी हैं, जिससे खुदरा बाजार में भी महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है.
सबसे अधिक थोक कीमत मणिपुर में दर्ज की गई, जहां प्याज का औसत भाव 6,260.69 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया. इसके अलावा मेघालय में 4,305.31 रुपये, केरल में 3,962.84 रुपये और तमिलनाडु में 3,892.36 रुपये प्रति क्विंटल का भाव रहा. वहीं पश्चिम बंगाल, असम, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी कीमतें 2,800 रुपये से 3,600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बनी रहीं.
मासिक आधार पर सबसे बड़ी बढ़ोतरी मणिपुर में 37.6 फीसदी दर्ज की गई. इसके बाद आंध्र प्रदेश में 31.3 फीसदी, ओडिशा में 27.7 फीसदी, तेलंगाना में 27 फीसदी, मध्य प्रदेश में 20.8 फीसदी और महाराष्ट्र में 19.9 फीसदी की तेजी देखने को मिली. राजधानी दिल्ली में भी प्याज के थोक भाव जुलाई के मुकाबले 14.8 फीसदी बढ़कर 2,514 रुपये प्रति क्विंटल हो गए.
हालांकि कुछ राज्यों में तेजी सीमित रही. केरल, राजस्थान और नागालैंड में कीमतों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जबकि गुजरात और मेघालय में मासिक आधार पर हल्की गिरावट देखने को मिली. गुजरात में भाव 0.7 फीसदी और मेघालय में 2.3 फीसदी कम हुए.
वार्षिक आधार पर देखें तो आंध्र प्रदेश में प्याज के थोक दाम पिछले साल की तुलना में 169.8 फीसदी बढ़े हैं, जो देश में सबसे अधिक वृद्धि है. इसके अलावा मध्य प्रदेश में 98.6 फीसदी, महाराष्ट्र में 88.5 फीसदी, तेलंगाना में 78.5 फीसदी और दिल्ली में 75.3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है. इससे स्पष्ट है कि पिछले एक साल में प्याज बाजार में कीमतों का दबाव लगातार बना हुआ है.
बाजार जानकारों का कहना है कि सीमित आवक, भंडारण की लागत और कई क्षेत्रों में मौसम संबंधी चुनौतियों के कारण प्याज की कीमतों को समर्थन मिल रहा है. यदि आने वाले महीनों में नई फसल की आवक उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी, तो खुदरा बाजार में भी उपभोक्ताओं को महंगे प्याज का सामना करना पड़ सकता है.