Onion Price: नई फसल की आवक से प्याज की कीमतों में गिरावट, थोक और खुदरा बाजार में गिरे भाव

Onion Price: नई फसल की आवक से प्याज की कीमतों में गिरावट, थोक और खुदरा बाजार में गिरे भाव

देशभर में प्याज की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. खरीफ प्याज की नई फसल की आवक बढ़ने और सरकार की ओर से बफर स्टॉक से आपूर्ति जारी रहने से बाजार में उपलब्धता बेहतर हुई है. महाराष्ट्र की मंडियों में कीमतें करीब 13 फीसदी घटी हैं, जबकि 126 शहरों में खुदरा कीमतों में 1 से 21 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आई है.

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आशुतोष मिश्रा
  • New Delhi,
  • Oct 13, 2026,
  • Updated Oct 13, 2026, 9:09 AM IST

देशभर में प्याज की बढ़ती उपलब्धता का असर अब मंडियों से लेकर खुदरा बाजारों तक दिखाई देने लगा है. खरीफ प्याज की नई फसल की आवक बढ़ने, भंडारित प्याज की उपलब्धता और केंद्र सरकार की ओर से बफर स्टॉक से लगातार आपूर्ति किए जाने के कारण कीमतों में नरमी आई है. सरकार को उम्मीद है कि आने वाले हफ्तों में बाजार में प्याज की उपलब्धता और बेहतर होगी, जिससे आगामी त्योहारों के दौरान मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी.

खरीफ प्याज की नई फसल बाजार में पहुंचने लगी

सरकार के अनुसार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से खरीफ प्याज की नई फसल की आवक शुरू हो गई है. आने वाले हफ्तों में इन राज्यों से मंडियों में प्याज की आपूर्ति और बढ़ने की संभावना है. इसके अलावा, पहले से भंडारित प्याज भी बाजार की मांग को पूरा करने में मदद कर रहा है.

5 फीसदी अधिक रकबे का अनुमान

इस वर्ष देश में खरीफ प्याज का रकबा पिछले साल के मजबूत स्तर की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक रहने का अनुमान है. प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में फसल की स्थिति भी अनुकूल बताई गई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, कटाई की अवधि के दौरान प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की आशंका नहीं है. इससे फसल की कटाई, सुखाने और परिवहन की प्रक्रिया आसान रहने की उम्मीद है. साथ ही, अधिक नमी के कारण प्याज के खराब होने का जोखिम भी कम हो सकता है.

महाराष्ट्र की मंडियों में 13 फीसदी तक गिरी कीमत

नई फसल की आवक बढ़ने का असर महाराष्ट्र की प्रमुख प्याज मंडियों में भी देखने को मिला है. यहां प्याज की औसत भारित कीमत 16 सितंबर को करीब 4,030 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 3 अक्टूबर तक घटकर लगभग 3,475 रुपये प्रति क्विंटल रह गई. इस अवधि में कीमतों में करीब 13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.

मंडियों में आपूर्ति मजबूत होने से थोक बाजार में प्याज की कीमतों पर दबाव बढ़ा है. इसका असर व्यापक बाजार में भी दिखाई दे रहा है. हालांकि, अलग-अलग मंडियों और खुदरा बाजारों में कीमतों में अंतर बना रह सकता है.

126 शहरों में खुदरा कीमतें घटीं

प्याज की कीमतों में गिरावट का रुझान खुदरा बाजारों में भी देखने को मिला है. पिछले दो सप्ताह के दौरान देश के 126 शहरों में प्याज की खुदरा कीमतों में 1 से 21 रुपये प्रति किलोग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई है.

तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में प्याज की कीमतों में नरमी आई है. इससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है.

123 शहरों में बफर स्टॉक से पहुंचाया गया प्याज

बाजार में आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए केंद्र सरकार बफर स्टॉक से प्याज की आपूर्ति कर रही है. सरकार के मुताबिक, अब तक 8 ‘कांदा एक्सप्रेस’ और 467 ट्रकों के माध्यम से 123 शहरों में 2 लाख क्विंटल से अधिक प्याज पहुंचाया जा चुका है.

अधिक खपत वाले बाजारों तक प्याज की बड़ी खेप पहुंचाने के लिए अतिरिक्त रेल रेक चलाने की योजना भी बनाई जा रही है. इस व्यवस्था का उद्देश्य उन बाजारों में आपूर्ति बढ़ाना है, जहां त्योहारों के दौरान मांग अधिक रहने की संभावना है.

कीमतों और आपूर्ति पर सरकार की नजर

सरकार के अनुसार, खरीफ प्याज की नई फसल, भंडारित प्याज और बफर स्टॉक से नियमित आपूर्ति के कारण बाजार में उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है. आगामी त्योहारों को देखते हुए प्याज की कीमतों, स्टॉक और मंडियों में आवक पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

नई फसल की आवक में संभावित बढ़ोतरी और सरकारी आपूर्ति को देखते हुए आने वाले सप्ताहों में बाजार में प्याज की उपलब्धता मजबूत रह सकती है. हालांकि, कीमतों में आगे कितनी गिरावट आएगी, यह वास्तविक आवक, मांग और स्थानीय बाजारों की स्थिति पर निर्भर करेगा. 

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