
तमिलनाडु में इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य रहने की संभावना जताई गई है. तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने राज्य के 38 जिलों के लिए मानसून को लेकर एक मौसमी पूर्वानुमान जारी किया है. विश्वविद्यालय के अनुसार जून से सितंबर के बीच राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य बारिश होने की उम्मीद है. इससे किसानों को खेती और फसलों की तैयारी में काफी मदद मिल सकती है. मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून की स्थिति पिछले कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर रह सकती है.
TNAU के एग्रो क्लाइमेट रिसर्च सेंटर ने यह पूर्वानुमान तैयार किया है. इसके लिए प्रशांत और हिंद महासागर के समुद्री तापमान और साउदर्न ऑसिलेशन इंडेक्स जैसे मौसम संबंधी आंकड़ों को देखा गया. विश्वविद्यालय ने बताया कि करीब 60 प्रतिशत संभावना है कि राज्य में बारिश सामान्य स्तर के आसपास रहेगी. सामान्य बारिश का मतलब है कि वर्षा लंबे समय के औसत से 10 प्रतिशत ज्यादा या कम हो सकती है.
हालांकि कुछ जिलों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है. इनमें कोयंबटूर, इरोड, तिरुप्पुर, डिंडीगुल और थेनी जिले शामिल हैं. इन इलाकों में बारिश औसत से थोड़ा कम रह सकती है, जिससे किसानों को पानी की योजना पहले से बनानी पड़ सकती है.
राजधानी चेन्नई में इस बार लगभग 430 मिमी बारिश होने का अनुमान है, जबकि यहां सामान्य तौर पर 440 मिमी बारिश होती है. वहीं चेंगलपट्टू जिले में करीब 438 मिमी बारिश हो सकती है, जो सामान्य 450 मिमी से थोड़ी कम है.
कड्डालोर और वेल्लोर जैसे जिलों में सामान्य बारिश होने की संभावना जताई गई है. इन इलाकों में मॉनसून किसानों और जल स्रोतों के लिए राहत लेकर आ सकता है. अच्छी बारिश होने से जलाशयों का जल स्तर बढ़ेगा और खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा.
तमिलनाडु के पश्चिमी हिस्सों में कुछ जिलों में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है. कोयंबटूर में इस बार लगभग 178 मिमी बारिश का अनुमान है, जबकि यहां सामान्य तौर पर 210 मिमी बारिश होती है. तिरुप्पुर में 129 मिमी बारिश होने की संभावना है, जो औसत 151 मिमी से कम है.
इरोड जिले में भी सामान्य से कम बारिश हो सकती है. यहां लगभग 231 मिमी बारिश का अनुमान लगाया गया है, जबकि सामान्य वर्षा 260 मिमी रहती है. इन जिलों में खेती करने वाले किसानों को सिंचाई और जल संरक्षण पर अधिक ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है.
तिरुनेलवेली जिले में इस बार सबसे ज्यादा बारिश की कमी देखने को मिल सकती है. यहां करीब 108 मिमी बारिश होने का अनुमान है, जबकि सामान्य वर्षा 128 मिमी होती है. यानी इस जिले में करीब 16 प्रतिशत तक बारिश कम हो सकती है.
वहीं अधिक बारिश वाले क्षेत्र कन्याकुमारी में लगभग 478 मिमी वर्षा होने की संभावना है. हालांकि यह सामान्य 491 मिमी से थोड़ी कम है, लेकिन फिर भी यहां अच्छी बारिश होने की उम्मीद बनी हुई है.
कृषि विश्वविद्यालय का कहना है कि यह पूर्वानुमान किसानों और सरकार दोनों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इससे किसानों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि कौन-सी फसल कब बोनी है और सिंचाई की योजना कैसे बनानी है. वहीं सरकार और प्रशासन भी जल प्रबंधन और कृषि योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे.
विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मिली मौसम की जानकारी किसानों को नुकसान से बचाने में मदद करती है. यदि कहीं कम बारिश की संभावना है तो वहां पहले से पानी बचाने और वैकल्पिक फसलों की तैयारी की जा सकती है. कुल मिलाकर इस साल तमिलनाडु में मानसून सामान्य रहने की उम्मीद से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की संभावना है.
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