
भारत ने 2025-26 चीनी मार्केटिंग सीजन की शुरुआत यानी (अक्टूबर से फरवरी) के बीच 3.15 लाख टन चीनी का निर्यात किया है. यह जानकारी ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने जारी की है, जिसमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे बड़ा खरीदार बनकर सामने आया है. देश में चीनी का निर्यात पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में है और इसे कोटा सिस्टम के जरिए मिलों में बांटा जाता है. 2025-26 सीजन के लिए सरकार ने कुल 20 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दी है. हाल ही में इसमें 5 लाख टन अतिरिक्त कोटा भी जोड़ा गया है, जिससे निर्यात गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है.
AISTA के अनुसार, कुल निर्यात में सफेद चीनी का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा है. इस दौरान 2,57,971 टन सफेद चीनी विदेश भेजी गई, जबकि 53,664 टन रिफाइंड शुगर का निर्यात हुआ.
अगर देशवार निर्यात की बात करें तो UAE ने सबसे अधिक 79,683 टन चीनी खरीदी. इसके बाद अफगानिस्तान ने 71,813 टन, जिबूती ने 45,801 टन और तंजानिया ने 21,330 टन चीनी आयात की. यानी एशिया और अफ्रीका के बाजार भारत के लिए अहम बने हुए हैं.
AISTA के चेयरमैन प्रफुल विठलानी ने कहा कि भारत इस सीजन में 8 लाख टन से ज्यादा चीनी का फिजिकल शिपमेंट कर सकता है. खासतौर पर एशियाई और खाड़ी देशों में मांग बनी रहने से निर्यात को सपोर्ट मिलेगा.
हालांकि, इस बार चीनी उत्पादन के अनुमान में कमी आई है. AISTA ने अपने दूसरे अनुमान में 2025-26 सीजन का उत्पादन 2.83 करोड़ टन आंका है, जो पहले के 2.96 करोड़ टन के अनुमान से करीब 4.4 प्रतिशत कम है. इसकी बड़ी वजह प्रमुख उत्पादक राज्यों में खराब मौसम और कम पैदावार बताई गई है.
(पीटीआई)