मुरादाबाद पहुंचा किसान कारवां, किसानों में दिखा उत्साह और मिली योजनाओं की जानकारी

मुरादाबाद पहुंचा किसान कारवां, किसानों में दिखा उत्साह और मिली योजनाओं की जानकारी

मुरादाबाद में ‘किसान तक’ किसान कारवां के पहुंचने पर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला. इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई. विशेषज्ञों ने किसानों को नई तकनीकों, उर्वरकों के सही उपयोग और आय बढ़ाने के उपाय बताए, जिससे खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी.

मुरादाबाद में ‘किसान तक’ का किसान कारवांमुरादाबाद में ‘किसान तक’ का किसान कारवां
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Noida,
  • Apr 22, 2026,
  • Updated Apr 22, 2026, 5:55 PM IST

इंडिया टुडे ग्रुप और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त पहल से शुरू हुआ किसान कारवां धीरे-धीरे प्रदेश के 75 जिलों की यात्रा में अपने अंतिम पड़ाव की ओर पहुंच रहा है और जैसे-जैसे यह यात्रा अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है, इसको लेकर लोगों के बीच एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में ‘किसान तक’ का किसान कारवां प्रदेश के सभी जिलों के कवरेज में 65वें जनपद के तौर पर पहुंचा मुरादाबाद. बढ़ती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच जनपद के बिलारी ब्लॉक के विजयपुर गांव सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र की महिला एवं पुरुष किसानों ने किसान कारवां कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया. कृषि की विभिन्न फसलों के साथ-साथ पशुपालन और जलवायु परिवर्तन से खेती में आ रहे बदलाव को लेकर केवीके मुरादाबाद, कृषि विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विस्तृत जानकारी दी. साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी किसानों को अवगत कराया.

पीतल नगरी के तौर पर अपनी पहचान रखने वाला मुरादाबाद जिला में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम के दौरान केवल कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि अधिकारियों सहित पशुपालन से जुड़े अधिकारियों की सहभागिता ही नहीं रही, बल्कि उर्वरक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखने वाला- इफ्फको, इफ्फको एमसी, धानुका सहित  के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. जहां उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी सहित उर्वरकों के संतुलित प्रयोग को लेकर किसानों को जागरूक किया.  कार्यक्रम के दौरान किसानों के मनोरंजन के लिए जादूगर ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से खेती और पशुपालन से जुड़ी जानकारियां रोचक अंदाज में प्रस्तुत कीं. इसके अलावा, 12 किसानों को लकी ड्रॉ के माध्यम से नकद पुरस्कार भी वितरित किए गए. साथ ही प्रगतिशील किसानों ने भी अपना अनुभव साझा किया.

जानकारी के लिए कृषि विभाग से सम्पर्क करें किसान

पहले चरण में कृषि विभाग बि‍लारी से एडीओ मोहित ने किसानों को बताया कि अगर आपकी फसल में किसी तरह के रोग या किसी तरह की दिक्कतें आ रही हैं, तो किसान सबसे पहले कृषि विभाग के साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र बि‍लारी के वैज्ञानिकों से संपर्क करें और फसल से जुड़ी दवा लिखवाकर ही दुकान से खरीदें. इसका फायदा यह होता है कि किसान की फसल में जो दिक्कत आती है, उसका सही समय पर उपचार हो जाता है. आगे उन्होंने बताया कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से लोगों को कई तरह के रोगों का खतरा बढ़ गया है, इसलिए संभव हो तो किसान कम से कम रासायनिक उर्वरकों एवं दवाओं का प्रयोग अपनी फसलों में करें.

धानुका गन्ना किसानों का बन रहा मददगार

दूसरे चरण में धानुका के प्रतिनिधि योगेश पाठक ने कंपनी के 90 उत्पादों के बारे में विस्तार से बताया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को धानुका के कोनिका, सेम्प्रा सहित अन्य उत्पादों का धान, गेहूं, गन्ना सहित अन्य फसलों में उपयोग कैसे करें, इसको लेकर किसानों को जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने धानुका के अन्य उत्पादों के बारे में जानकारी देते हुए उसके महत्व को लेकर जानकारी दी. सब्जी की खेती में टमाटर में लगने वाले उकठा रोग के निवारण के लिए जेनेट उत्पाद के बारे में विस्तार से जानकारी दी. साथ ही उन्होंने कहा कि धानुका अब हर गांव में एक किसान मित्र बना रही है, जो जागरूक हो और किसानों को खेती और उर्वरकों के सही उपयोग के साथ रासायनिक दवाओं में कौन-सी कंपनी की दवा का उपयोग करना है, इसके बारे में पूरी जानकारी उस किसान को दी जा रही है.

कला के जरिए खेती का संदेश

तीसरे चरण में जादूगर ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. साथ ही हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की और आय दोगुनी करने के उपाय बताए.

सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं कई योजनाएं

चौथे चरण में जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील दत्त प्रजापति ने सरकार द्वारा पशुओं को लेकर चलाई जा रही टीकाकरण योजनाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी, जिसमें खुरपका-मुंहपका के बारे में बताया. साथ ही कृत्रिम गर्भाधान को लेकर चलाई जा रही योजना एवं सुविधाओं के बारे में किसानों को जानकारी दी. किसानों को देसी नस्ल सुधार और देसी गौ पालन करने को लेकर जोर दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को मिनी नंदनी कृषक योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री गौ संवर्धन योजना के बारे में किसानों को जानकारी दी.

हर किसान एक पशु रखें अपने दरवाजे पर

पांचवें चरण में कृषि विज्ञान केंद्र मुरादाबाद के पशु वैज्ञानिक ने किसानों को अच्छी नस्ल के पशु पालने को लेकर किसानों को जागरूक किया. इसके साथ ही उन्होंने पशुओं के बच्चों की देखभाल कैसे की जाए, इसको लेकर बताया और उन्होंने कहा कि अगर पशुओं के बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तो पशु दूध अधिक देता है.इसके साथ ही उनका स्वास्थ्य भी बढ़िया होता है.

नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग करें किसान

छठवें चरण में मुरादाबाद इफ्फको के प्रतिनिधि यशवीर सिंह ने किसानों को गोबर खाद के साथ ढैंचा खेती करने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों को उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के बारे में जानकारी दी. साथ ही उन्होंने बताया कि यह किसानों के बीच अपनी जगह कैसे बना पाया है और इसके इतिहास का भी जिक्र किया. साथ ही उन्होंने नैनो डीएपी, नैनो यूरिया सहित नैनो जिंक से जुड़े उत्पादों के बारे में किसानों को बताया और समझाया कि आने वाले दिनों में अब किसानों को इन्हीं उत्पादों के साथ खेती में आमदनी बढ़ानी है.

किसानों के लिए मुसीबत का साथी IFFCO

सातवें चरण में मुरादाबाद से इफ्फको एमसी के प्रतिनिधि जुल्फिकार अहमद ने किसानों को माइको जैन, शिराशागी, हुयूमेत्शू उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.आगे उन्होंने मिर्ची में लगने वाले रोगों के बारे में किसानों को जानकारी दी. साथ ही इफ्फको एमसी द्वारा कई उत्पादों पर किसानों को बीमा भी दिया जा रहा है, जो 1 लाख तक है, इसके बारे में किसानों को बताया.

लकी ड्रॉ के जरिए किसानों को दी गई नकद राशि

अंतिम, आठवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और 5 लोगों को एक-एक हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया. ‘किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.

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