Wheat Export: गेहूं को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा फायदा

Wheat Export: गेहूं को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिलेगा फायदा

केंद्र सरकार ने अतिरिक्त गेहूं के निर्यात को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से सरकार की किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने और घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश और मजबूत हुई है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 20, 2026,
  • Updated Apr 20, 2026, 8:52 PM IST

भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, केंद्र सरकार ने 25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं के निर्यात को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से सरकार की किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाने और घरेलू बाजार में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश और मजबूत हुई है. यह फैसला गेहूं के मौजूदा उत्पादन, उपलब्ध सरकारी और निजी स्टॉक और  बाजार में कीमतों की स्थिति की समीक्षा करने के बाद लिया गया है.

किसानों को मिलेगा उपज का सही दाम

बता दें कि रबी सीजन 2026 में गेहूं की खेती का रकबा बढ़कर करीब 334.17 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 328.04 लाख हेक्टेयर था. खेती के क्षेत्रफल में यह बढ़ोतरी बताती है कि किसानों का गेहूं की खेती पर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है. किसानों के इस भरोसे की बड़ी वजह सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और मजबूत खरीद व्यवस्था मानी जा रही है. किसानों को उम्मीद है कि उनकी उपज का सही दाम मिलेगा, इसलिए उन्होंने इस बार ज्यादा क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की है.

अतिरिक्त गेहूं निर्यात को मिली मंजूरी 

कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से 10 मार्च 2026 को जारी दूसरे अग्रिम अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में गेहूं का उत्पादन 1202 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है. उत्पादन की अच्छी संभावनाओं और स्टॉक की ज़्यादा उपलब्धता को देखते हुए, अतिरिक्त गेहूं के निर्यात की अनुमति देना उचित समझा गया. इससे पहले, जनवरी 2026 में DFPD ने 5 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात को मंजूरी दी थी. इसके बाद, फरवरी 2026 में 5 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं उत्पादों और 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं के निर्यात को और मंज़ूरी दी गई. मंज़ूरी के इस ताजा दौर के साथ, अब कुल 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 10 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति दे दी गई है.

घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों रहेंगी स्थिर

25 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं निर्यात की अनुमति से बाजार में नकदी बढ़ने और गेहूं के स्टॉक का बेहतर प्रबंधन होने की उम्मीद है. इससे फसल आने के मुख्य समय में किसानों को अपनी उपज कम दाम पर मजबूरी में बेचने से राहत मिलेगी. साथ ही इस फैसले से किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना है, जिससे उनकी आय बढ़ सकती है. इसके अलावा, घरेलू बाजार में गेहूं की कीमतों को संतुलित रखने में भी मदद मिलेगी. सरकार का कहना है कि इस निर्णय के बावजूद देश की खाद्य सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.

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