
महाराष्ट्र के जालना में कर्नाटक के एक किसान से बीज के सौदे के नाम पर कथित धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि दो युवकों ने खुद को बीज कंपनी का प्रोडक्शन मैनेजर बताकर किसान को जालना बुलाया और भरोसा जीतने के बाद उसके साथ धोखाधड़ी को अंजाम दिया. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया. इंस्पेक्टर पंकज जाधव ने कहा कि कर्नाटक के हावेरी जिला के ब्याडगी तहसील निवासी किसान लोकेश देवेंद्रप्पा जालना पहुंचे तो आरोपियों ने उनसे करीब 7.78 लाख रुपये कीमत के 17 किलो गेंदे के बीज लेकर अपने पास रख लिए.
इसके बाद उन्होंने किसान को बाइक पर बैठाया और कुछ दूर ले जाकर अचानक धक्का देकर मौके से फरार हो गए. घटना इतनी तेजी से हुई कि किसान को संभलने का मौका तक नहीं मिला. शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर तलाश शुरू की.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान कन्हैयानगर इलाके के पास एक एसयूवी को रोककर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पकड़े गए युवकों की पहचान सुनील जगताप (19) और वैभव जगताप (23) के रूप में हुई है, जो जाफराबाद तहसील के निवासी हैं. साथ ही पुलिस ने आरोपियों के पास से बीज भी बरामद किए हैं.
इधर, जालना में जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक से जुड़ा करीब 23 करोड़ 33 लाख रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है. आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में मुख्य आरोपी रायचंद सखाराम कुरंगल और उसके सहयोगी निलेश्वर शेषराव भोसले को गिरफ्तार किया है. अदालत ने दोनों को पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.
जांच में सामने आया कि पंचमुखी वेयरहाउस के जरिए किसानों के नाम पर अनाज जमा दिखाकर रसीदें जारी की गईं. इन्हीं रसीदों के आधार पर बैंक की कई शाखाओं से कर्ज लिया गया. कुल 177 खातों के माध्यम से रकम निकाली गई, जिनमें 133 खाते बकायेदार पाए गए.
जब बैंक ने गिरवी माल की जांच करनी चाही तो वेयरहाउस संचालकों ने टालमटोल की. बाद में पता चला कि गोदाम में दिखाया गया अनाज मौजूद ही नहीं था. इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
पुलिस ने मुख्य आरोपी को अहिल्यानगर जिले के श्रीगोंदा से पकड़ा, जबकि दूसरे आरोपी को जालना से गिरफ्तार किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
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