अश्वगंधा वाले उत्पादों पर FSSAI सख्त, कंपनियों को जारी की ये चेतावनी

अश्वगंधा वाले उत्पादों पर FSSAI सख्त, कंपनियों को जारी की ये चेतावनी

FSSAI ने खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी उत्पादों की जांच करें और यह तय करें कि उनमें अश्वगंधा की पत्तियां किसी भी रूप में इस्तेमाल न की जाएं. अगर कोई कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

अश्वगंधा वाले उत्पादों पर FSSAI सख्तअश्वगंधा वाले उत्पादों पर FSSAI सख्त
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Apr 19, 2026,
  • Updated Apr 19, 2026, 11:17 AM IST

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को सख्त चेतावनी दी है. FSSAI ने कहा है कि कंपनियां अपने उत्पादों में केवल तय नियमों के अनुसार ही अश्वगंधा का उपयोग करें. खासतौर पर यह साफ किया गया है कि खाद्य उत्पादों में सिर्फ अश्वगंधा की जड़ और उसके अर्क का ही इस्तेमाल किया जा सकता है. इसकी पत्तियों या पत्तियों के अर्क का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है.

FBOs को उत्पादों की जांच करने का निर्देश

FSSAI ने खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को निर्देश दिया है कि वे अपने सभी उत्पादों की जांच करें और यह तय करें कि उनमें अश्वगंधा की पत्तियां किसी भी रूप में इस्तेमाल न की जाएं. अगर कोई कंपनी नियमों का पालन नहीं करती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. बता दें कि अश्वगंधा एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से दवाओं में होता रहा है. लेकिन अब इसका उपयोग न्यूट्रास्यूटिकल्स, हेल्थ सप्लीमेंट्स और वेलनेस उत्पादों में भी तेजी से बढ़ा है. आजकल बाजार में अश्वगंधा से बनी हर्बल चाय, प्रोटीन पाउडर, न्यूट्रिशन ड्रिंक और कई हेल्थ सप्लीमेंट्स बिक रहे हैं.

कंपनियां कर रहीं अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग

FSSAI ने बताया कि उसके ध्यान में यह बात आई है कि कुछ कंपनियां अपने उत्पादों में अश्वगंधा की पत्तियों और उनके अर्क का उपयोग कर रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है. इसलिए अब कंपनियों को दोबारा नियमों की याद दिलाई गई है. FSSAI ने कहा कि खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम 2016 के तहत ऐसे उत्पादों के लिए स्पष्ट मानक तय किए गए हैं. इन नियमों के अनुसार केवल अश्वगंधा की जड़ें और उनके अर्क ही इस्तेमाल किए जा सकते हैं, वह भी निर्धारित मात्रा में.

दवा बनाने वाली कंपनियों को भी दिए गए निर्देश

FSSAI ने यह भी बताया कि आयुष मंत्रालय ने हाल ही में आयुर्वेदिक दवा और उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को भी यही निर्देश दिए हैं कि वे अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग किसी भी रूप में न करें. मंत्रालय के अनुसार, वैज्ञानिक अध्ययनों में अश्वगंधा की पत्तियों को लेकर कुछ सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई हैं. इसमें मौजूद कुछ तत्व, खासकर विथाफेरिन-ए, अधिक मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. FSSAI का कहना है कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. इसलिए कंपनियों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. इस कदम से बाजार में बिकने वाले हेल्थ सप्लीमेंट्स और अश्वगंधा उत्पादों की क्वालिटी और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. 

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