
गुजरात में 27 फरवरी से दक्षिण पूर्व एशिया के दो दिवसीय वैश्विक अरंडी सम्मेलन का आयोजन होगा. दरअसल, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) 27-28 फरवरी को गुजरात के गांधीनगर में 24वें एसईए-ग्लोबल कैस्टर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करेगा. एसईए के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अरंडी उद्योग के सामने मौजूदा मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा.साथ ही भारत और विदेश के प्रख्यात वक्ताओं और पैनल सदस्यों के साथ सार्थक बातचीत के माध्यम से समाधान तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
बीवी मेहता ने कहा कि यह सम्मेलन अरंडी के कारोबार से संबंधित मुद्दों पर खुली चर्चा और विचारों के आदान-प्रदान का एक अनूठा अवसर भी देगा, ताकि दुनिया भर में अरंडी के निर्माताओं, इंपोर्टर्स और एक्सपोर्टर्स , प्रौद्योगिकीविदों, कमोडिटी एक्सचेंजों के लोगों, दलालों, अरंडी के बीज किसानों और कारोबार के डीलरों द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं का समाधान खोजा जा सके.
उन्होंने कहा कि भारत विश्व की अरंडी के तेल की 90 प्रतिशत से अधिक मांग को पूरा करता है और अरंडी के वैश्विक बाजार में भारत की अग्रणी स्थिति है. भारत से अरंडी के तेल और उससे बने उत्पादों का वार्षिक निर्यात लगभग 15,000 करोड़ रुपये (1.8 अरब डॉलर) का है. 6 अरब डॉलर से अधिक के अनुमानित वैश्विक अरंडी उत्पाद बाजार पर भारत की अत्यधिक निर्भरता है.
अरंडी सम्मेलन में कम समय वाली किस्मों में आने वाली चुनौतियों पर काबू पाने और उपज बढ़ाने से संबंधित मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भारत और विदेश से लगभग 400 प्रतिनिधि और विशेष आमंत्रित व्यक्ति भाग लेंगे, जिनमें नीति निर्माता, उद्योगपति, शोधकर्ता और अन्य हितधारक शामिल होंगे.
बीवी मेहता ने बताया कि एसईए-ग्लोबल कैस्टर कॉन्फ्रेंस 2026 सहयोग को बढ़ावा देने और व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अनूठा मंच होगा. उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को अरंडी के तेल और उससे बने उत्पादों के आपूर्तिकर्ताओं के साथ आमने-सामने की बैठक करने का अवसर मिलेगा, जिससे नए व्यावसायिक अवसरों के द्वार खुलेंगे और मौजूदा साझेदारियों को मजबूती मिलेगी.