महाराष्ट्र के मानोरा शहर से होकर बहने वाली अरुणावती नदी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गुरुवार और फिर शुक्रवार लगातार दो दिन वाशिम जिले में हुई जोरदार बारिश के चलते नदी उफान पर है. कारंजा शहर से मानोरा शहर को जोड़ने वाले मार्ग पर स्थित इंजोरी गांव के पास बने पुल से पानी बहने के कारण यातायात करीब 45 मिनट तक बाधित रहा. भारी बारिश का पानी इस पुल पर से गुजर रहा था जिससे उसका एक बड़ा हिस्सा बह गया.
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर बार तेज बारिश होने पर पुल पर पानी आ जाता है और यातायात पूरी तरह ठप हो जाता है. प्रशासन से कई बार पुल की ऊंचाई बढ़ाने की मांग की गई है, लेकिन अब पुल का हिस्सा ढहने से बड़ी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. इंजोरी गांव से दूसरे गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर बन रहे नए पुल का भी एक हिस्सा पानी के तेज बहाव में बह गया. इससे किसानों के खेतों में पानी भर गया, जिसके कारण सोयाबीन, कपास, हल्दी और तुवर की फसल बर्बाद हो गई.
किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि जबसे नए पुल का काम शुरू हुआ है, तभी से बारिश का पानी खेतों में घुसने लगा है. एक किसान ने आरोप लगाया कि जिले के पालकमंत्री कभी किसानों की सुध लेने नहीं आए. पीड़ित किसान राहुल ने बताया कि उसने 4 एकड़ जमीन में गन्ना, सोयाबीन और कपास की खेती की थी, लेकिन बारिश के पानी से पूरी फसल बह गई. इतना ही नहीं, खेती में जरूरी जानकारियों वाली कई किताबें भी पानी में बह जाने से उसे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है.
वहीं एक और किसान रविन्द्र राठौर ने कहा कि पुल के कारण उसके खेत में बारिश का पानी घुस आया. इससे हल्दी, सोयाबीन और कपास की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई और करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि अभी तक कोई भी मंत्री किसानों की सुध लेने नहीं आया है इसलिए सरकार से उचित मुआवजे की मांग है. मानोरा शहर में हुई तेज बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए. अरुणावती नदी में बाढ़ का दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग शहर के पुल पर जमा हो गए.
(जाका खान की रिपोर्ट)
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