
आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने उच्च स्तरीय विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है. यह समिति तोतापुरी आम की खेती से लेकर प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन करेगी और किसानों को बेहतर दाम दिलाने के लिए ठोस सुझाव देगी.
हाल ही में आंध्र प्रदेश के दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने तोतापुरी आम उत्पादकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी थीं. किसानों ने बताया कि प्रसंस्करण के लिए बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली इस किस्म के दाम में तेज गिरावट आई है, जिससे उनकी आय प्रभावित हुई है. किसानों की चिंता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने तत्काल वैज्ञानिकों और संबंधित संस्थानों की विशेषज्ञ टीम गठित करने के निर्देश दिए.
आईसीएआर के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ की ओर से जारी आदेश के अनुसार समिति तोतापुरी आम के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, घरेलू बाजार और निर्यात से जुड़े सभी पहलुओं का व्यापक अध्ययन करेगी. समिति की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. टी. दमोदरन करेंगे. इसमें आईसीएआर, बागवानी अनुसंधान संस्थानों, आंध्र प्रदेश सरकार और वाईएसआर हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है.
विशेषज्ञ समिति को अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान समिति किसानों, प्रसंस्करण उद्योगों, निर्यातकों, उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और अन्य हितधारकों से बातचीत करेगी. साथ ही उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति की स्थिति, प्रसंस्करण क्षमता तथा कीमतों में गिरावट के कारणों का आकलन भी किया जाएगा.
समिति क्षेत्रीय आंकड़ों और विभिन्न पक्षों से मिले सुझावों के आधार पर यह पता लगाएगी कि तोतापुरी आम की कीमतों में गिरावट के पीछे कौन-कौन से आर्थिक और बाजार संबंधी कारण जिम्मेदार हैं. इसके साथ ही वैल्यू चेन में मौजूद कमियों और सुधार की संभावनाओं का भी विश्लेषण किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसानों को बेहतर बाजार और स्थिर मूल्य मिल सकें.
अध्ययन पूरा होने के बाद विशेषज्ञ समिति अपनी रिपोर्ट केंद्रीय कृषि मंत्री को सौंपेगी. रिपोर्ट में मूल्य स्थिरीकरण, वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने, प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता मजबूत करने, एफपीओ, प्रोसेसर और निर्यातकों के बीच बेहतर समन्वय तथा क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए नीतिगत सुझाव शामिल होंगे. इन सिफारिशों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकार आगे की कार्ययोजना तैयार करेंगी.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा जताया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिनसे किसानों को स्थायी राहत मिले, उनकी आय बढ़े और तोतापुरी आम क्षेत्र में निवेश, प्रसंस्करण तथा रोजगार के नए अवसर विकसित हों.