Sugar Mills को लेकर एक्‍शन मोड में बिहार सरकार, जमीन के लिए 14 जिलों से रिपोर्ट तलब, पढ़ें डिटेल

Sugar Mills को लेकर एक्‍शन मोड में बिहार सरकार, जमीन के लिए 14 जिलों से रिपोर्ट तलब, पढ़ें डिटेल

बिहार में चीनी उद्योग को रफ्तार देने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है. नई चीनी मिलों और बंद पड़ी मिलों के पुनरुद्धार को लेकर सरकार ने 14 जिलों से जमीन की रिपोर्ट तलब की है. एक हफ्ते की समयसीमा ने प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है.

sugar millsugar mill
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna ,
  • Feb 06, 2026,
  • Updated Feb 06, 2026, 11:06 AM IST

बिहार में चीनी उद्योग को दोबारा मजबूती देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है. नई चीनी मिलों की स्थापना और सालों से बंद पड़ी मिलों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया को तेज करते हुए गन्ना उद्योग विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी क्रम में गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने राज्य के 14 जिलों के जिलाधिकारियों को एक हफ्ते के अंदर जमीन चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है.

बंद मिलों के अलावा 25 नई मिलें लगाई जाएंगी

सरकार का लक्ष्य है कि नई चीनी मिलों के लिए जमीन से जुड़ी औपचारिकताओं में देरी न हो और परियोजनाओं पर तेजी से अमल किया जा सके. बिहार सरकार औद्योगिक निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर खास फोकस कर रही है. इसी रणनीति के तहत सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने के साथ-साथ करीब 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है.

हर नई मिल के लिए 100 एकड़ जमीन की जरूरत

यह पहल सात निश्चय-3 के अंतर्गत समृद्ध उद्योग - सशक्त बिहार के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में अहम मानी जा रही है. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी के गठन को भी मंजूरी दी जा चुकी है. यह कमेटी नीति निर्धारण और कार्ययोजना को अंतिम रूप देगी.

अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि हर नई चीनी मिल के लिए लगभग 100 एकड़ जमीन की जरूरत होगी. इसके लिए जिलों में उपलब्ध सरकारी और निजी जमीन की समीक्षा कर उपयुक्त स्थल का चयन किया जाए. केवल जमीन ही नहीं, बल्कि चीनी मिल के आसपास गन्ना उत्पादन की संभावनाओं का आकलन भी जरूरी बताया गया है.

मिलों के लिए 30-40 हजार एकड़ में गन्‍ने की खेती जरूरी

विभाग के अनुसार, एक चीनी मिल के सुचारु संचालन के लिए उसके आसपास 30 से 40 हजार एकड़ क्षेत्र में गन्ना की खेती जरूरी होगी. ऐसे में सिंचाई व्यवस्था, कृषि संसाधन और किसानों की तैयारियों की भी जांच की जाएगी.

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भूमि चयन के दौरान पुराने और बंद पड़े चीनी मिल परिसरों को प्राथमिकता के आधार पर देखा जा सकता है, ताकि आधारभूत संरचना का बेहतर इस्‍तेमाल हो सके. गन्ना खेती और मिल स्थल से जुड़े सभी पहलुओं पर विचार के लिए विशेष कृषि टास्क फोर्स के गठन का भी निर्देश दिया गया है.

यह टास्क फोर्स स्थानीय स्तर पर किसानों, कृषि विशेषज्ञों और प्रशासन के साथ समन्वय कर रिपोर्ट तैयार करेगी. नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी मिलों के पुनरुद्धार के लिए जिन 14 जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है, उनमें पटना, नवादा, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, गया, शिवहर, रोहतास और पूर्णिया शामिल हैं.

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