
चित्रकूट भगवान राम की वनवास स्थली है. कहा जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के 11 वर्ष यहीं बिताए थे. मंदाकिनी नदी के किनारे बसे इस जिले का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा है. साथ ही यह जिला खेती के मामले में भी काफी आगे है. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से चल रहे ‘किसान तक’ के किसान कारवां के तहत यह कारवां आज चित्रकूट जिले के रसिन गांव पहुंचा. प्रदेश के सभी 75 जिलों में चल रहे इस अभियान में यह किसान कारवां का 20वां पड़ाव था.
इस कार्यक्रम में जिले के कृषि अधिकारी और कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिक शामिल हुए. उन्होंने किसानों को आधुनिक खेती के तरीके बताए. किसानों को फसल कैसे ज्यादा पैदा हो, अच्छे बीज कैसे चुनें, खाद का सही इस्तेमाल कैसे करें और कीटों से फसल को कैसे बचाएं, इसकी जानकारी दी गई. किसानों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी समस्याएं विशेषज्ञों को बताईं.
किसान कारवां के पहले चरण में उपनिदेशक कृषि राजकुमार ने किसानों को समझाया कि फसल की लागत कैसे कम की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जब खेती का खर्च कम होगा, तभी किसानों की कमाई बढ़ेगी. उन्होंने फसल बीमा योजना के फायदे भी बताए. साथ ही बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के नलकूप की बिजली मुफ्त कर दी है, जिससे खेती का खर्च कम हुआ है. जिन किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, वे पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप ले सकते हैं. इसके लिए पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है और फिर लॉटरी से चयन किया जाता है.
किसान कारवां के दूसरे चरण में पशुपालन विभाग के प्रसार अधिकारी अजीत साहू ने पशुपालन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार गौशाला से चार पशु लेने पर ₹1500 प्रति पशु के हिसाब से ₹6000 प्रति माह किसानों के खाते में भेजती है. इस योजना से किसान पशुपालन के जरिए अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.
तीसरे चरण में जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ला ने फार्मर रजिस्ट्री के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जैसे आधार कार्ड हमारी पहचान है, वैसे ही फार्मर रजिस्ट्री कार्ड किसानों के लिए बहुत जरूरी है. इस एक नंबर से किसानों को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा. इससे यह भी पता चलेगा कि किसान किन योजनाओं के लिए योग्य हैं. उन्होंने कीटनाशकों के सही उपयोग और फल मक्खी जैसे कीटों से बचाव के लिए ट्रैप लगाने की जानकारी भी दी.
किसान कारवां के चौथे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट के विशेषज्ञ डॉ. मनोज शर्मा ने फसल चक्र अपनाने की बात कही. उन्होंने बताया कि फसल चक्र अपनाने से मिट्टी की सेहत अच्छी रहती है और किसानों की आमदनी भी बढ़ती है. उन्होंने यह भी समझाया कि खेत में जरूरत से ज्यादा खाद डालने से नुकसान हो सकता है.
कृषि विज्ञान केंद्र चित्रकूट के विशेषज्ञ पुष्पेंद्र सिंह दीक्षित ने बताया कि चित्रकूट जिले में किसान अभी भी परंपरागत खेती करते हैं. उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों से किसान ज्यादा कमाई कर सकते हैं. आंवला, नींबू और करौंदा जैसी फसलें कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती हैं. उन्होंने किसानों से उद्यान विभाग की योजनाओं से जुड़ने की अपील की.
किसान कारवां के छठे चरण में जादूगर सलमान ने मजेदार और रोचक तरीके से किसानों को समझाया कि सरकार से जुड़कर योजनाओं का लाभ लेने से उनकी आमदनी कैसे बढ़ सकती है.
कार्यक्रम के सातवें चरण में लकी ड्रा का आयोजन किया गया. इसमें ₹500 के 10 पुरस्कार दिए गए. पहला पुरस्कार मिथिला देवी को मिला, जिन्हें ₹3000 की राशि दी गई. दूसरा पुरस्कार रुक्मी देवी को मिला, जिन्हें ₹2000 की पुरस्कार राशि मिली.
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