Bihar Flood: पशुओं के चारे के लिए ट्रेन बनी सहारा, सीट और शौचालय तक में भरे घास के बंडल

Bihar Flood: पशुओं के चारे के लिए ट्रेन बनी सहारा, सीट और शौचालय तक में भरे घास के बंडल

बिहार के खगड़िया में बाढ़ के कारण पशुओं के चारे का संकट गहरा गया है. फरकिया इलाके के पशुपालक सूखे क्षेत्रों से हरी घास लाने के लिए पैसेंजर ट्रेन का सहारा ले रहे हैं. ट्रेन की सीटों, गेट और शौचालय तक में घास के बंडल लादकर पशुपालक अपने गांव पहुंचा रहे हैं.

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क‍िसान तक
  • खगड़िया,
  • Aug 31, 2026,
  • Updated Aug 31, 2026, 6:38 PM IST

बिहार के खगड़िया जिले में बाढ़ ने लोगों के साथ-साथ पशुपालकों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मानसी प्रखंड के फरकिया इलाके में बाढ़ आ गई है. बाढ़ के कारण कई जगहों पर हरी घास और पशुओं के चारे की भारी कमी हो गई है. ऐसे में पशुपालक अपने मवेशियों को बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाने को मजबूर हैं.

पशुपालक अब सूखे इलाकों से हरी घास लाकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचा रहे हैं. इसके लिए वे पैसेंजर ट्रेनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ट्रेन के गेट, सीटों और यहां तक कि शौचालय के आसपास भी घास के बंडल रखकर उन्हें अपने गांव तक ले जाया जा रहा है.

खगड़िया रेलवे स्टेशन पर ऐसी तस्वीरें देखने को मिलीं, जहां समस्तीपुर से सहरसा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में बड़ी मात्रा में घास लोड की गई थी. पशुपालकों ने परहजा हॉल्ट स्टेशन से घास के बंडल ट्रेन में चढ़ाए और खगड़िया स्टेशन के रास्ते मानसी, बदला और धमारा घाट जैसे स्टेशनों तक पहुंचाया. वहां से घास को गांवों में ले जाकर पशुओं को खिलाया जा रहा है.

चारे की कमी से बढ़ी परेशानी

पशुपालकों का कहना है कि फरकिया क्षेत्र में बाढ़ के कारण खेत और चरागाह पानी में डूब गए हैं. ऐसे में पशुओं के लिए हरा चारा मिलना मुश्किल हो गया है. मजबूरी में उन्हें सूखे क्षेत्रों से घास लानी पड़ रही है.

मानसी के पशुपालक अरविंद यादव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके में हरी घास नहीं मिल रही है. इसलिए दूर के क्षेत्रों से घास काटकर ट्रेन के जरिए लाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल ट्रेन ही सबसे सस्ता और आसान साधन है.

पशुपालक विष्णुदेव यादव और केलूं यादव ने भी बताया कि बाढ़ के कारण चारे का संकट पैदा हो गया है. अगर समय पर घास नहीं पहुंचे तो पशुओं को खिलाने में बड़ी दिक्कत हो सकती है.

RPF ने जताई आपत्ति

इस पूरे मामले पर खगड़िया रेलवे सुरक्षा बल (RPF) थाना के इंस्पेक्टर राम नरेश सिंह ने कहा कि पैसेंजर ट्रेन में इस तरह घास ले जाना नियमों के अनुरूप नहीं है. मामले की जानकारी मिली है और इस पर संज्ञान लिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि जिस स्टेशन से घास लोड या अनलोड की जा रही है, वहां के संबंधित अधिकारियों को भी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि रेलवे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके.

बाढ़ ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता

फरकिया क्षेत्र बिहार के उन इलाकों में शामिल है जो हर साल बाढ़ की मार झेलते हैं. इस बार बाढ़ का असर केवल लोगों के आवागमन पर ही नहीं, बल्कि पशुपालन पर भी साफ दिखाई दे रहा है. पशुपालकों के सामने अपने मवेशियों के लिए चारा जुटाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है. इसी मजबूरी ने पैसेंजर ट्रेन को अस्थायी "चारा वाहक ट्रेन" में बदल दिया है. बाढ़ कम होने तक हजारों पशुपालकों की नजर अब इसी व्यवस्था पर टिकी हुई है.(स्वतंत्र कुमार का इनपुट)

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